23 अप्रैल को रहेगा गुरु पुष्य योग, ये चीजें खरीदना रहेगा शुभ
Wednesday, Apr 22, 2026-12:39 PM (IST)
जयपुर। 23 अप्रैल को गुरु पुष्य योग रहेगा। जिनमें प्रॉपर्टी, ज्वैलरी, गाड़ियों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक खरीदना शुभ होगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि 23 अप्रैलको गुरु पुष्य योग है। इसमें खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना जाता है। गाड़ी, स्वर्ण, चांदी, वस्त्रत्त्, बर्तन की खरीदारी शुभ रहेगा। गुरु पुष्य योग को आभूषण, गाड़ी, भूमि, भवन, गृह सामग्री फ्रिज, टीवी आदि खरीदना शुभ साबित होगी। अपने पसंदीदा सामान की इस दौरान खरीदारी कर घरों में खुशियां ला सकते हैं। शनि काे काल पुरुष की ऊर्जा और पुरुषार्थ की प्रेरणा का कारक माना जाता है। बृहस्पति को आध्यात्म, शिक्षा, ज्ञान और त्याग का कारक बताया गया है। गुरु पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों के समूह में राजा कहा जाता है। ज्योतिष गणना में पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति है।
(गुरुवार) 23 अप्रैल 2026 को गुरु पुष्य योग बन रहा है, जो रात 08:57 से शुरू होकर 24 अप्रैल की सुबह 05:47 तक रहेगा। गंगा सप्तमी पर पड़ने वाला यह दुर्लभ योग खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यधिक शुभ और 'साइलेंट गेम चेंजर' माना गया है। इस दिन गंगा सप्तमी के साथ-साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी पूरे दिन रहेगा।
गुरु पुष्य योग
ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को अतिशुभ माना जाता है। जब भी गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र होता है तो इसे गुरु पुष्य की संज्ञा दी जाती है। इस दिन सोना-चांदी और अचल संपत्ति खरीदने से बहुत लाभ मिलता है। माना जाता है कि, इस नक्षत्र में आप जो भी चीज खरीदते हैं वो बरकत देती है। उससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पारिवारिक जीवन सुखमय बना रहता है। पुष्य नक्षत्र शनि प्रधान है, लेकिन इसकी प्रकृति गुरु जैसी होती है। इस दिन स्वर्ण आभूषण, हीरा, देव प्रतिमा, भूमि-भवन, वाहन, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन खरीदना चाहिए। अगर आप जमीन या किसी भी तरह की अचल संपत्ति खरीदना चाहते हैं तो, उसके लिए गुरुवार का दिन ही ज्यादा शुभ माना जाएगा।
हर प्रकार की खरीदी शुभ
गुरु पुष्य नक्षत्र में सोने, चांदी के आभूषण, चांदी की प्रतिमा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल्स, जमीन, प्लॉट, मकान, फैक्ट्री आदि में निवेश किया जा सकता है। यह समृद्धि देने वाला होगा। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि होने से स्थायी संपत्ति की खरीदी यानी भूमि, भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान विशेष फलदायी माने जाते हैं।
पुष्य नक्षत्र में इनकी खरीदी स्थायी लाभ
अचल संपत्ति - मकान, प्लॉट, फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्ति।
चल संपत्ति - आभूषणों में सोना, चांदी, हीरा, प्लेटिनम के आभूषण।
ऑटोमोबाइल (चार पहिया वाहन, दोपहिया वाहन),
इलेक्ट्रिक दोपहिया-चार पहिया वाहन।
इलेक्ट्राॅनिक सामान में फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, लैपटॉप, माइक्रोवेव ओवन आदि।
लक्ष्मी-नारायण की पूजा से समृद्धि
गुरु पुष्य योग में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन माता लक्ष्मी को खीर, दूध से बनी मिठाई और भगवान विष्णु को तुलसी दल, पंचामृत, गुड़ आदि का भोग लगाने का विधान है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। लक्ष्मी-नारायण की कृपा से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है।
