अमेरिका में डॉ. स्मिता जोशी और डॉ. शुक्लाबेन रावल को मिला ‘भारत सेवा सम्मान’

Sunday, Aug 23, 2026-03:01 PM (IST)

ऑरलैंडो, फ्लोरिडा। भारत में बाल्यावस्था में होने वाले टाइप-1 डायबिटीज़ की स्क्रीनिंग, समय पर पहचान, बेहतर प्रबंधन और प्रभावी स्वास्थ्य नीति के लिए पिछले आठ वर्षों से लगातार जन-जागरूकता एवं वकालत कर रहीं भारतीय चिकित्सक बहनों डॉ. स्मिता जोशी और डॉ. शुक्लाबेन रावल को अमेरिका में प्रतिष्ठित ‘भारत सेवा सम्मान अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान अमेरिका के ऑरलैंडो, फ्लोरिडा स्थित हिल्टन में आयोजित गुजराती इंडियन फिजिशियंस कन्वेंशन (GPC)-2026 के दौरान बीएमसीएए कन्वेंशन कमेटी की ओर से आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। चिकित्सा क्षेत्र के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान भारत में टाइप-1 डायबिटीज़ से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तथा प्रभावी स्वास्थ्य नीति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।

आठ वर्षों से टाइप-1 डायबिटीज़ को लेकर जागरूकता अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह नगर वडनगर के निकट स्थित विसनगर की रहने वाली डॉ. स्मिता जोशी और डॉ. शुक्लाबेन रावल पिछले आठ वर्षों से टाइप-1 डायबिटीज़ के प्रति देश-विदेश में जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय हैं। दोनों चिकित्सक बच्चों में बीमारी की समय पर स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान, उचित प्रबंधन और टाइप-1 डायबिटीज़ को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य नीति में प्रभावी रूप से शामिल कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही हैं।

उनका प्रयास केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। दोनों चिकित्सकों का उद्देश्य बच्चों और उनके परिवारों को समय पर सही जानकारी, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

सम्मान को बच्चों और परिवारों को किया समर्पित

‘भारत सेवा सम्मान अवार्ड’ मिलने के बाद दोनों चिकित्सकों ने जीपीसी-2026 के चेयरमैन और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत में टाइप-1 डायबिटीज़ के साथ जीवन जी रहे बच्चों और उनके परिवारों को समर्पित है।

दोनों ने कहा कि इस सम्मान ने उनके संकल्प को और मजबूत किया है। भारत में टाइप-1 डायबिटीज़ से प्रभावित बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जागरूकता, समय पर पहचान, उचित उपचार और प्रभावी स्वास्थ्य नीति की दिशा में उनके प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

उन्होंने अपने सहयोगियों, शुभचिंतकों और इस मिशन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। दोनों चिकित्सकों ने कहा, “आशीर्वाद मायने रखते हैं।” उनके अनुसार, इस यात्रा में मिला हर आशीर्वाद, सहयोग और प्रोत्साहन इस मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के प्रयासों को पहचान

गुजराती इंडियन फिजिशियंस कन्वेंशन अमेरिका में कार्यरत गुजराती मूल के चिकित्सकों का प्रमुख सम्मेलन है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा मंच पर डॉ. स्मिता जोशी और डॉ. शुक्लाबेन रावल को ‘भारत सेवा सम्मान’ मिलना न केवल दोनों चिकित्सकों के लिए, बल्कि भारत में बाल स्वास्थ्य और टाइप-1 डायबिटीज़ को लेकर चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों के लिए भी गौरव का विषय है।

दोनों चिकित्सकों ने इस अवसर पर अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि टाइप-1 डायबिटीज़ से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा भारत में इस विषय को लेकर प्रभावी नीति और जागरूकता को मजबूत करने की उनकी सेवा-यात्रा निरंतर जारी रहेगी।


Content Editor

Sourabh Dubey

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