डॉ. अनिल धानूका बने NISA के राजस्थान स्टेट प्रमोटर, कार्यकाल 31 मार्च 2029 तक रहेगा
Wednesday, Aug 19, 2026-10:36 AM (IST)
सूरतगढ़। राष्ट्रीय स्वतंत्र विद्यालय संगठन National Independent Schools Alliance (NISA) ने शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय डॉ. अनिल धानूका को राजस्थान का स्टेट प्रमोटर (State Promoter–Rajasthan) नियुक्त किया है। NISA द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार उनका कार्यकाल 31 मार्च 2029 तक रहेगा।
NISA देशभर के स्वतंत्र एवं निजी विद्यालयों को एक सशक्त मंच प्रदान करने तथा विद्यालयों एवं स्कूल संगठनों की सामूहिक आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने के उद्देश्य से कार्यरत है। राजस्थान में संगठन के विस्तार और गतिविधियों को गति देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब डॉ. अनिल धानूका को सौंपी गई है।
राजस्थान स्टेट प्रमोटर के रूप में डॉ. अनिल धानूका प्रदेश के विभिन्न निजी विद्यालयों, स्कूल एसोसिएशनों एवं शिक्षाविदों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए NISA के संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करेंगे तथा राजस्थान के विद्यालयों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों एवं सुझावों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
डॉ. अनिल धानूका ने अपनी नियुक्ति पर NISA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कुलभूषण शर्मा एवं सचिव तुलसी प्रसाद सहित समस्त राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान में NISA के स्टेट स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे डॉ. दिलीप मोदी के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा, सहयोग एवं मार्गदर्शन ने इस दायित्व तक पहुंचने में महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक भूमिका निभाई है।
डॉ. अनिल धानूका ने कहा कि NISA ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, उसे पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाते हुए राजस्थान के स्वतंत्र विद्यालयों को एक मजबूत एवं प्रभावी मंच से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि प्रदेश के विद्यालय संचालकों की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को संगठित रूप से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए।
डॉ. अनिल धानूका लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा शैक्षणिक संस्थानों के संचालन, विद्यालयी शिक्षा एवं शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न विषयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी नियुक्ति को राजस्थान में NISA के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
