CMHO को झूठी जानकारी देना पड़ा भारी, सांसद Ummedaram Beniwal ने लगाई फटकार

Wednesday, Jun 24, 2026-12:03 PM (IST)

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर में आयोजित दिशा समिति की बैठक आयोजित की गई, लेकिन बैठक उस समय गरमा गई, जब सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सीएमएचओ को कथित रूप से गलत जानकारी देने पर जमकर फटकार लगाई। बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण, दवाई घोटाले, टेंडर अनियमितताओं और अस्पताल संचालन जैसे कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।

 

दरअसल, बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक आयोजित हुई इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कई गंभीर सवाल उठाए।

 

वहीं, इसी बैठक में मौजूद शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने मगरा और सुंदरा में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दिशा बैठक की पालना रिपोर्ट में भवनों को पूर्ण और संचालित बताया गया है, जबकि वास्तविकता में निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। इस पर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने नाराजगी जताते हुए सीएमएचओ को फटकार लगाई और कहा कि सदन को झूठी जानकारी देकर भ्रमित क्यों किया जा रहा है।

 

इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित दवाई घोटाले और करीब 76 लाख रुपये के प्रचार-प्रसार टेंडर में अनियमितताओं का मामला भी उठा। जब सांसद ने इस संबंध में सवाल पूछा तो सीएमएचओ ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। इस जवाब पर सांसद ने आश्चर्य जताते हुए जिला कलेक्टर को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।

 

इसके साथ ही गिराब सीएचसी में मरीज की मौत के बाद एपीओ की गई एएनएम को दोबारा उसी स्थान पर लगाने का मुद्दा भी बैठक में गूंजा। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विभागीय जवाबदेही पर सवाल खड़े किए।

 

वहीं, बायतु उप जिला अस्पताल भवन के निर्माण के बावजूद सेवाएं शुरू नहीं होने को लेकर भी विधायक हरीश चौधरी ने सीएमएचओ को घेरा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता और लंबित कार्यों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

 

दिशा समिति की इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच और समीक्षा के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।


Content Editor

Anil Jangid

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