सड़क परियोजनाओं में देरी पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी नाराज़, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी
Thursday, Mar 12, 2026-07:29 PM (IST)
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सड़क और अन्य अवसंरचनात्मक परियोजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं कराने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने 50 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना की शुरुआत में ही संभावित बाधाओं का विस्तृत अध्ययन किया जाए।
एस्टीमेट और डीपीआर बनाते समय बाधाओं की पहचान जरूरी
दिया कुमारी ने कहा कि कई परियोजनाएं वन क्षेत्र, भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी कारणों से तय समय में पूरी नहीं हो पातीं। इसका कारण प्रारंभिक चरण में सही योजना नहीं बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना का एस्टीमेट और डीपीआर बनाते समय सभी संभावित बाधाओं की पहले से पहचान की जाए, ताकि आम जनता को समय पर इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।
50 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पचपदरा-बागड़ी सेक्शन के फोरलेन कार्य को अगले 10 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं बालोतरा-संदेराव बाईपास निर्माण कार्य 30 अप्रैल तक, ब्यावर-गोमती बाईपास पर वाहन अंडरपास का निर्माण 31 मई तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा अकलेरा बाईपास का काम 31 मार्च तक और नॉर्दर्न कोटा बाईपास का कार्य जून-जुलाई 2026 तक पूरा करने की योजना है।
देरी करने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो ठेकेदार बार-बार परियोजनाओं में देरी करते हैं या काम अधूरा छोड़ देते हैं, उनकी सूची तैयार कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए, ताकि वे भविष्य में किसी अन्य परियोजना में हिस्सा न ले सकें।
बरसात में सड़कें बाधित न हों, इसका रखें ध्यान
दिया कुमारी ने यह भी कहा कि सड़कों और अन्य संरचनाओं की डिजाइन बनाते समय जल संसाधन विभाग से समन्वय जरूरी है। पिछले दो वर्षों से राज्य में अच्छी बारिश हो रही है, इसलिए सड़कें और संरचनाएं इस तरह डिजाइन की जाएं कि वे डूब क्षेत्र में न आएं और बरसात के दौरान यातायात बाधित न हो।
उन्होंने एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनके पूरा होने से राजस्थान में आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और राज्य देश के सामने एक मिसाल पेश करेगा।
बैठक में पीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डीआर मेघवाल और मुख्य अभियंता टीसी गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए।
