Dausa News: ''श्रम सेतु'' और ''लेबर चौक'' ऐप से श्रमिकों को घर बैठे मिलेगा रोजगार

Monday, Jul 20, 2026-06:46 PM (IST)

निर्माण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए रोजगार प्राप्त करना अब पहले से अधिक आसान होने जा रहा है। श्रम विभाग ने 'श्रम सेतु' और 'लेबर चौक' मोबाइल ऐप शुरू किए हैं, जिनके माध्यम से श्रमिक घर बैठे पंजीकरण कर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, काम देने वाले लोग भी अपनी जरूरत के अनुसार सीधे श्रमिकों से संपर्क कर सकेंगे।

श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन ऐप के जरिए नियोक्ता राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई, वेल्डर, पेंटर, माली सहित अन्य कुशल और अकुशल श्रमिकों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इससे रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।

श्रम कल्याण अधिकारी विकास शर्मा ने बताया कि श्रमिक ऐप पर अपनी कार्यकुशलता, अनुभव और विशेषज्ञता का विवरण दर्ज कर सकेंगे। दूसरी ओर, नियोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों की मांग दर्ज करेंगे। इसके बाद दोनों पक्ष मजदूरी, कार्य अवधि और अन्य शर्तों पर सीधे बातचीत कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि दौसा जिले में श्रम विभाग के साथ 79,889 श्रमिक पंजीकृत हैं, जिन्हें इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा। अब श्रमिकों को पंजीकरण, श्रमिक कार्ड डाउनलोड करने या अन्य सेवाओं के लिए श्रम विभाग के कार्यालय या ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकांश सेवाएं मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध होंगी।

श्रम विभाग इन ऐप की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है। दौसा शहर के विभिन्न लेबर चौकों के अलावा लालसोट के जमात चौखटी और सिकंदरा चौराहा पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में श्रमिकों के मोबाइल फोन में ऐप डाउनलोड कर मौके पर ही उनका पंजीकरण भी कराया जा रहा है।

श्रम निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि 'श्रम सेतु' ऐप पर निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क है। इसके माध्यम से श्रमिक अपना पंजीकरण, श्रमिक कार्ड डाउनलोड और आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। वहीं, 'लेबर चौक' ऐप के जरिए नियोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार श्रमिकों से सीधे संपर्क कर रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। दोनों ऐप हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इनका आसानी से उपयोग कर सकें।


Content Editor

Ishika Jain

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