दौसा जेल में कैदी की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार; अस्पताल में धरना

Tuesday, Aug 11, 2026-03:17 PM (IST)

दौसा: श्यालावास जेल में बंद 49 वर्षीय कैदी लटूरमल मीणा की तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में मौत हो गई। कैदी की मौत की सूचना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया और जिला अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया।

परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कैदी को जिस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, उस कार्रवाई से जुड़े पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

पुलिस और जेल प्रशासन पर उठाए सवाल

मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लटूरमल की मौत के मामले में जेल प्रशासन की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग रखी।

धरने के दौरान प्रशासन और परिजनों के बीच बातचीत का प्रयास भी हुआ। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता की, लेकिन अपनी मांगें पूरी होने तक शव लेने से इनकार करते हुए परिजन धरने पर डटे रहे।

विधायक दीनदयाल बैरवा भी धरने में पहुंचे

मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक दीनदयाल बैरवा भी जिला अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों के साथ धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि लटूरमल मीणा की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

विधायक ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की जायज मांगों पर जल्द निर्णय लेने और परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी की।

जेल में बंदियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

विधायक बैरवा ने जेलों में बंदियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हिरासत में रह रहे बंदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि जेल में होने वाली मौतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके और यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

फिलहाल मृतक के परिजन अपनी मांगों पर कायम हैं। मामले में प्रशासन और परिजनों के बीच बातचीत के बाद आगे की कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट होगी।


Content Editor

Ishika Jain

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