जोधपुर में नया मेकनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन, कलेक्टर आलोक रंजन ने किया निरीक्षण

Thursday, May 07, 2026-03:06 PM (IST)

जोधपुर। शहर को स्वच्छ और आधुनिक बनाने के प्रयासों के तहत जोधपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने बुधवार को नगर निगम द्वारा संचालित डंपिंग साइट डिपो का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेकनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।

 

कलेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि यह ट्रांसफर स्टेशन फिलहाल परीक्षण चरण में है और जल्द ही इसका शिलान्यास एवं लोकार्पण कर इसे चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब कचरा खुले में नहीं पड़ेगा और इसे कॉम्पैक्ट कर बड़ी मात्रा में एक साथ परिवहन किया जा सकेगा। भविष्य में इससे कचरे से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी काम संभव होगा।

 

उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई बड़े शहरों में स्वच्छता के बेहतर मॉडल में इस तरह के ट्रांसफर स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और जोधपुर में यह सुविधा एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। कलेक्टर ने बताया कि शहर से डस्टबिन हटाने की प्रक्रिया इसी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए की जा रही है, ताकि कचरा सीधे वाहनों के माध्यम से एकत्रित होकर प्रोसेसिंग के लिए ट्रांसफर स्टेशन पहुंच सके।

 

नगर निगम के सीईओ राहुल जैन ने बताया कि घर-घर से एकत्रित कचरा टिपर के माध्यम से ट्रांसफर स्टेशन लाया जाएगा, जहां उसे कॉम्पैक्ट कर केरु स्थित डंपिंग साइट पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुराने खुले ट्रांसफर स्टेशनों में कचरा लंबे समय तक पड़ा रहता था, जिससे शहर में गंदगी फैलती थी। इस नई व्यवस्था से यह समस्या समाप्त होगी।

 

इस स्टेशन की क्षमता लगभग 150 टन प्रतिदिन कचरा प्रोसेस करने की है। सीईओ ने यह भी बताया कि घोड़ा घाटी क्षेत्र में इसी तरह का एक और ट्रांसफर स्टेशन विकसित किया जा रहा है, ताकि कचरा संग्रहण वाहन को 6-7 किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े और डोर-टू-डोर कलेक्शन समय पर हो सके।

 

नगर निगम का लक्ष्य है कि सुबह 7 बजे से 10:30 बजे के बीच सभी घरों से नियमित रूप से कचरा एकत्रित किया जाए, जिससे शहर की सफाई और प्रभावी बन सके। इस पहल से जोधपुर में कचरा प्रबंधन में महत्वपूर्ण सुधार और शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


Content Editor

Anil Jangid

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