जोधपुर में सीएम भजनलाल शर्मा ने रामनवमी पर गिनाईं उपलब्धियां, श्रीराम के आदर्शों पर दिया जोर
Thursday, Mar 26, 2026-07:16 PM (IST)
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में आयोजित रामनवमी मेले और सिद्ध संत राजाराम महाराज के 144वें जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए समाज को श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम लूणी क्षेत्र के शिकारपुरा स्थित श्री राजाराम आंजणा आश्रम में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण हो रहा है। उन्होंने भगवान श्रीराम को भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि वे मर्यादा, सत्य, धर्म और सेवा के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि चरित्र, कर्तव्य और करुणा का महत्व पद और प्रतिष्ठा से कहीं अधिक होता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पावन पर्व का संत राजाराम महाराज के जन्मोत्सव के साथ होना एक अद्भुत संयोग है। उन्होंने संत को एक महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह उन्मूलन और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिकाओं के जन्म पर उत्सव मनाने जैसी पहलें की जा रही हैं, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जा रहा है।
गौ संरक्षण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की गौशालाओं को 3400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है और बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया है।
इसके अलावा, धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर भी सरकार सक्रिय है। राजकीय मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं, वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत अब तक 86 हजार से अधिक बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करवाई जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के भी महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज को और अधिक सशक्त और समृद्ध बनाया जा सकता है।
