बूंदी को बड़ी सौगात: डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र से जिले के नागरिकों को मिलेगी सुविधा
Thursday, Jun 04, 2026-05:27 PM (IST)
बूंदी: बूंदी शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं में 4 जून को एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों की मांग को पूरा करते हुए बूंदी में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) शुरू हो गया है। इसका औपचारिक उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।
अब बूंदी जिले के नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने और उससे संबंधित सेवाओं के लिए कोटा या जयपुर की यात्रा की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे समय, धन और श्रम की बचत होगी। पहले दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले लोगों को एक ही कार्य के लिए कई बार यात्रा करनी पड़ती थी। नए केंद्र के शुरू होने से यह परेशानी समाप्त हो जाएगी और अधिकांश प्रक्रियाएं स्थानीय स्तर पर पूरी की जा सकेंगी।
मुख्य डाकघर परिसर के पास स्थापित इस केंद्र में प्रतिदिन लगभग 40 पासपोर्ट आवेदनों की प्रक्रिया की जाएगी। इससे आवेदन निस्तारण में तेजी आएगी और लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सूचना जनसंपर्क अधिकारी अनुप्रिया के अनुसार यह केंद्र बूंदी शहर के साथ-साथ आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए भी सुविधाजनक होगा।
यह सुविधा विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, निजी और सरकारी पेशेवरों, व्यापारियों और विदेश यात्रा या रोजगार की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। वर्तमान में पासपोर्ट केवल विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं, बल्कि पहचान और अवसरों का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
देशभर में पासपोर्ट सेवाओं को आमजन के करीब लाने के लिए विदेश मंत्रालय और भारतीय डाक विभाग मिलकर डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों का विस्तार कर रहे हैं। भारत में अब तक 37 क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, 93 पासपोर्ट सेवा केंद्र और 450 से अधिक डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं। इसी कड़ी में अब बूंदी भी शामिल हो गया है।
कोटा स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय अब तक 2 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी कर चुका है। बूंदी केंद्र से कोटा कार्यालय पर भार कम होगा और आवेदक अपने जिले में ही बेहतर सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल अपॉइंटमेंट, एसएमएस अलर्ट और त्वरित पुलिस सत्यापन जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी इस केंद्र में उपलब्ध होंगी।
लंबे समय से इस सुविधा की मांग की जा रही थी। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे जिले के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
