राज्यसभा चुनावो में फिर बाजी मारेगी भाजपा, 2028 में 4 सीटों पर ऐसे होगा मुकाबला
Friday, Jun 12, 2026-02:23 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर 21 जून को भाजपा के राजेन्द्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू तथा कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। हालांकि, इससे पहले ही भाजपा ने इन सीटों पर डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजा है, जबकि कांग्रेस ने नीरज डांगी पर दोबारा भरोसा जताते हुए उन्हें पुनः निर्वाचित कराया है। आपको बता दें कि इस निर्वाचन के बाद भी उच्च सदन में भाजपा और कांग्रेस के बीच संख्या बल का संतुलन बरकरार रहा है। राज्यसभा में दोनों दलों के पास अब पांच-पांच सदस्य हो चुके हैं। इस चुनाव से पहले भी राज्यसभा में राजस्थान के कोटे की 10 सीटों में बीजेपी और कांग्रेस के पास समान रूप से पांच-पांच सीटें थीं। अब नए निर्वाचन के बाद भी यही स्थिति बनी हुई है।
इसमें सबसे खास बात ये है कि बीजेपी के सभी पांचों राज्यसभा सदस्य राजस्थान के निवासी है। जबकि, कांग्रेस के पांच सदस्यों में सिर्फ नीरज डांगी ही राजस्थानी हैं। कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी नई दिल्ली, मुकुल बालकृष्ण वासनिक महाराष्ट्र, रणदीप सिंह सुरजेवाला हरियाणा तथा प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश के मूल निवासी है।
अब बात करें राजस्थान से कांग्रेस और भाजपा के राज्यसभा में सदस्यों और उनके कार्यकाल की तो वो इस प्रकार है:—
राज्यसभा में कांग्रेस के सदस्य और कार्यकाल
प्रमोद तिवारी - 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
रणदीप सुरजेवाला - 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
मुकुल वासनिक - 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
सोनिया गांधी - 4 अप्रेल 2024 से 3 अप्रैल 2030
नीरज डांगी - 22 जून 2026 से 21 जून 2032
राज्यसभा में भाजपा के सदस्य और कार्यकाल
घनश्याम तिवाड़ी- 5 जुलाई 2022 से 4 जुलाई 2028
मदन राठौड़- 4 अप्रेल 2024 से 3 अप्रैल 2030
चुन्नीलाल गरासिया- 4 अप्रेल 2024 से 3 अप्रेल 2030
सतीश पूनिया- 22 जून 2026 से 21 जून 2032
अलका गुर्जर- 22 जून 2026 से 21 जून 2032
आपको बता दें कि अब राज्यसभा में 4 जुलाई, 2028 में 4 सीटें खाली होंगी जिनमें कांग्रेस के तीन सदस्य प्रमोद तिवारी, मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला है। वहीं, बीजेपी से घनश्याम तिवाड़ी का कार्यकाल खत्म होगा। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से माना जा रहा है कि 2 सीटों पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस की होगी, हालांकि, एक सीट पर जोड़तोड़ की गणित चल सकती है, हालांकि, फिर भी बीजेपी के खाते में ज्यादा सीटें आएंगी।
