भीलवाड़ा में घर में घुसकर परिवार पर हमला, मंदिर में बांधने और 9 लाख मांगने के आरोप
Tuesday, Sep 22, 2026-03:30 PM (IST)
भीलवाड़ा। जिले के मांडल थाना क्षेत्र के रावों का खेड़ा गांव में पुरानी रंजिश और एक युवती को भगाने के शक को लेकर एक परिवार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि 10-12 लोग हथियारों के साथ घर में घुसे और परिवार के सदस्यों के साथ लाठी, सरियों और लकड़ियों से मारपीट की। घटना में एक युवक सहित तीन लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। पीड़िता शांति देवी पत्नी नंदलाल राव की रिपोर्ट पर मांडल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, घटना 18 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे की बताई गई है। आरोप है कि चैन सिंह, लाडू देवी, हिम्मत सिंह, माया, सांबर देवी, झागुड़ी, गिरराज, महावीर, लक्ष्मीलाल, दिलखुश और रणजीत सहित 10-12 लोग कथित तौर पर हथियार लेकर परिवार के घर में घुस आए।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जगदीश को जमीन पर पटक दिया और उसके साथ लाठी, सरियों तथा लकड़ियों से मारपीट की। मारपीट में उसके कमर और पैरों में चोट लगने तथा मुंह से खून निकलने की बात कही गई है। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे जगदीश के माता-पिता के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई।
बहू को घसीटकर ले जाने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में परिवार की बहू चेतना के साथ भी कथित अभद्रता और जबरदस्ती करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार, हिम्मत सिंह और गिरराज ने चेतना का हाथ पकड़कर उसे घसीटने और जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। वहीं माया, झागुड़ी और लाडू देवी पर शांति देवी के गले से सोने का मंगलसूत्र छीनने का आरोप लगाया गया है।
मंदिर में बांधकर रखने का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी परिवार के सदस्यों को घसीटते हुए चारभुजा नाथ मंदिर ले गए। वहां उन्हें कथित तौर पर बांधकर रखा गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मौके पर फोटो या वीडियो बनाने और पुलिस के सामने गवाही देने वाले ग्रामीणों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
9 लाख रुपए मांगने का आरोप
मामले में एक और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को कथित तौर पर एकांत स्थान पर ले जाया गया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट में पेशाब पिलाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा मकान और जमीन के कागजात अपने नाम करने या 9 लाख रुपए देने का दबाव बनाने की बात कही गई है।
पीड़िता के अनुसार, परिवार के सदस्यों को दोपहर करीब एक बजे से शाम पांच बजे तक धूप में बांधकर रखने और पानी नहीं देने का भी आरोप है। इसके अलावा घटना से दो-तीन दिन पहले परिवार का कथित सामाजिक बहिष्कार कराने और दुकानदारों को सामान नहीं देने के लिए कहने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज
मांडल थाना पुलिस ने शांति देवी की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 115(2), 126(2), 333, 79, 189(2), 127(2) और 308(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच हेड कांस्टेबल श्यामसुंदर को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने और आरोपों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
