बारां में सड़क हादसों में आई कमी: 2025 में 72 कम दुर्घटनाएं, यातायात नियम तोड़ने पर 50 हजार से ज्यादा चालान

Friday, Mar 13, 2026-05:24 PM (IST)

बारां। राजस्थान के बारां जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस और प्रशासन की सख्ती का असर अब सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में सड़क हादसों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। हालांकि तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और नशे में ड्राइविंग जैसी लापरवाहियां अब भी लोगों की जान ले रही हैं।

पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में कुल 427 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें 169 लोगों की मौत हुई थी और 562 लोग घायल हुए थे। वहीं वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 355 रह गई, जो पिछले साल के मुकाबले 72 कम है। इसी तरह घायलों की संख्या भी 562 से घटकर 494 हो गई।

हालांकि हादसों की गंभीरता अब भी बनी हुई है, क्योंकि वर्ष 2025 में भी 159 लोगों की मौत दर्ज की गई।

पुलिस की सख्ती से आया सुधार

दुर्घटनाओं में कमी का मुख्य कारण यातायात नियमों को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही सख्ती को माना जा रहा है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्य किए गए, जिससे भी हादसों में कमी आई है।

50 हजार से ज्यादा चालान, करोड़ों का जुर्माना

एएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जिलेभर में 50,962 चालान किए गए।

इन कार्रवाइयों के दौरान पुलिस ने कुल 1 करोड़ 3 लाख 56 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला।

गलत दिशा में वाहन चलाने पर सबसे ज्यादा कार्रवाई

पुलिस ने सबसे अधिक कार्रवाई गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ की। इस श्रेणी में 26,340 चालान किए गए। इसके अलावा बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग और नशे में ड्राइविंग जैसे मामलों में भी बड़ी संख्या में चालान काटे गए।

आंकड़ों के अनुसार:

  • नशे में वाहन चलाने पर – 1,231 चालान

  • ओवर स्पीड – 734 चालान

  • ओवरलोडिंग – 678 मामले दर्ज

  • माल वाहनों में सवारियां बैठाने पर भी पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त अभियान जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को और कम किया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।


Content Editor

Sourabh Dubey

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