जयपुर-जोधपुर में हंगामे के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का पलटवार, बोले- गांधी को मानते हैं, भगत सिंह को भी पूजते हैं
Monday, Aug 24, 2026-02:41 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यक्रमों के दौरान हुए विवाद और कथित मारपीट के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जयपुर के बाद अब जोधपुर में हुए हंगामे को लेकर CJP के प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विरोध और हिंसा के बावजूद पार्टी सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की अपनी मुहिम को जारी रखेगी।
आशुतोष रांका ने अपने बयान में कहा कि विरोधी पक्ष हिंसा और तोड़फोड़ का सहारा ले सकता है, लेकिन CJP शांति बनाए रखते हुए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “हम बेहतर स्कूलों के लिए अपनी लड़ाई नहीं रोकेंगे। हमारी दृढ़ता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। हम गांधी में विश्वास करते हैं, लेकिन हम भगत सिंह की भी पूजा करते हैं।”
दरअसल, रविवार रात जोधपुर के रेजिडेंसी रोड स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में CJP के ‘शिक्षा बचाओ, देश बचाओ’ संवाद कार्यक्रम के दौरान हंगामा हुआ। आरोप है कि ABVP और भाजयुमो से जुड़े कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। CJP की ओर से दावा किया गया कि कुछ लोग दीवार फांदकर परिसर में दाखिल हुए।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई और धक्का-मुक्की के साथ झड़प की स्थिति बन गई। CJP की ओर से एक कार्यकर्ता के साथ मारपीट और कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने करीब 10 से 11 लोगों को डिटेन किए जाने की बात सामने आई है।
इससे पहले 21 अगस्त को जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में भी CJP की टीम के साथ विवाद हुआ था। संगठन के अनुसार, टीम सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची थी। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मामला कथित तौर पर धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया। CJP ने टीम के साथ मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव के आरोप लगाए थे। उस दौरान आशुतोष रांका भी मौके पर मौजूद थे।
CJP की ओर से राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत संगठन की टीमें अलग-अलग इलाकों में सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा ले रही हैं।
संगठन का दावा है कि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, भवन, शौचालय, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाकर सरकार से सुधार की मांग की जा रही है। हालिया घटनाओं के बाद अब यह अभियान केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित न रहकर राजस्थान की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है।
