सपने से साकार हुई आस्था: पाली में 72 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा, अन्न त्याग कर गादीपति ने निभाया संकल्प
Thursday, Apr 02, 2026-02:40 PM (IST)
पाली: राजस्थान के पाली शहर में आस्था, संकल्प और त्याग की एक अनोखी मिसाल देखने को मिलती है। पाली-सोजत हाईवे पर स्थित 72 फीट ऊंची हनुमान जी की भव्य प्रतिमा आज शहर की पहचान बन चुकी है। इसकी विशालता इतनी प्रभावशाली है कि दूर से ही नजर आने लगती है और राहगीरों को पाली में प्रवेश का संकेत देती है।
इस अद्भुत प्रतिमा के निर्माण के पीछे गादीपति ओम महाराज का अटूट संकल्प और गहरी आध्यात्मिक प्रेरणा जुड़ी हुई है। बताया जाता है कि वर्ष 2007 में उन्हें एक सपना आया, जिसमें उन्होंने पाली में दिल्ली की तर्ज पर एक विशाल हनुमान प्रतिमा बनाने की प्रेरणा प्राप्त की। इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने 72 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने का कठिन संकल्प लिया।
हालांकि, इस संकल्प को पूरा करना आसान नहीं था। जमीन की व्यवस्था और इतने बड़े निर्माण के लिए धन जुटाना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन ओम महाराज ने हार नहीं मानी और अपने संकल्प को सिद्ध करने के लिए कठोर तपस्या का मार्ग चुना। उन्होंने यह प्रण लिया कि जब तक बालाजी की प्रतिमा पूरी नहीं होगी, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। उनके इस त्याग और समर्पण ने समाज को भी प्रेरित किया।
धीरे-धीरे समाज के दानदाता और भामाशाह इस पुण्य कार्य से जुड़ते गए। किसी ने जमीन दान दी तो किसी ने आर्थिक सहयोग किया। सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह भव्य प्रतिमा आकार ले सकी। इस प्रतिमा की खास बात यह है कि इसमें हनुमान जी के कंधों पर भगवान राम और लक्ष्मण विराजमान हैं, जो इसे और भी दिव्य बनाता है।
इस मंदिर की नींव 13 फरवरी 2007 को रखी गई थी, जबकि 10 दिसंबर 2010 को इसकी प्राण-प्रतिष्ठा भव्य समारोह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर पूरे प्रदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे थे। खास बात यह रही कि प्रसाद के रूप में 10,800 किलो आटे का विशाल ‘रोट’ तैयार किया गया, जो अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड माना जाता है।
आज यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पाली की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुका है। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि सच्ची श्रद्धा, त्याग और दृढ़ संकल्प से कोई भी सपना हकीकत में बदला जा सकता है।
