पाली में 380 बेड का हाईटेक अस्पताल तैयार, हादसों में अब ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज, बचेगी हर कीमती जान

Wednesday, Apr 08, 2026-07:15 PM (IST)

पाली: पाली जिले में अब सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर इलाज मिल सकेगा। पाली-जोधपुर हाईवे पर रामासिया में बन रहा 380 बेड का छह मंजिला अस्पताल न केवल पाली की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा, बल्कि यह हादसों के लिए एक 'इमरजेंसी हब' के रूप में भी कार्य करेगा। यह अस्पताल शहर से बाहर स्थित होने के कारण एम्बुलेंस को बिना ट्रैफिक में फंसे सीधे अस्पताल पहुंचने की सुविधा देगा, जिससे घायलों को 'गोल्डन ऑवर' में इलाज मिल सकेगा और उनकी जान बचाना संभव होगा।

 

अस्पताल में क्रिटिकल केयर और सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। शुरू में यह अस्पताल चार मंजिला प्रस्तावित था, लेकिन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसमें दो और मंजिलों की मंजूरी दी है। इस अस्पताल के लिए 195 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। अस्पताल की पांचवीं और छठी मंजिल विशेष रूप से गंभीर मरीजों और आईसीयू सेवाओं के लिए समर्पित होगी। इससे पाली के लोगों को अब बड़े ऑपरेशन और क्रिटिकल केयर के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

 

प्रशासन ने आम जनता की सुविधा के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग को शहर के बीचों-बीच स्थित बांगड़ अस्पताल में ही रखा है। वहीं, गंभीर बीमारियों और सर्जरी के बड़े केस रामासिया स्थित नए अस्पताल में हैंडल किए जाएंगे। इसके अलावा, अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी और गेस्ट्रोलॉजी जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।

 

नए अस्पताल में अत्याधुनिक क्लीनिकल इक्यूपमेंट से हर बेड को लैस किया जाएगा। इसके अलावा, पाली मेडिकल कॉलेज के इस अस्पताल का उद्देश्य अन्य 17 मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों के लिए रोल मॉडल बनना है। अस्पताल में एक हजार सीटों वाली सभागार भी तैयार की जाएगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों के लिए बैठने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह अस्पताल पाली में स्वास्थ्य सेवाओं का एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


Content Editor

Anil Jangid

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