वीरधोलिया में 2 करोड़ की सड़क अधूरी: 11 महीने बाद भी डामरीकरण नहीं, धूल-गिट्टी से ग्रामीण परेशान
Thursday, Apr 30, 2026-04:13 PM (IST)
घासा (मावली, उदयपुर) | मावली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत वीरधोलिया में प्रशासनिक अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है।
सिर्फ कंक्रीट बिछाकर छोड़ा काम
ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार ने सड़क पर केवल गिट्टी और कंक्रीट बिछाकर काम अधूरा छोड़ दिया। कागजों में सड़क निर्माण पूरा दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत में सड़क की हालत बेहद खराब है।
राहगीरों और वाहन चालकों को धूल और बिखरे पत्थरों के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
समय सीमा खत्म, काम अधूरा
यह सड़क वीरधोलिया माताजी की मंगरी से घासा-नूरडा मार्ग (वाया दंड और सटवा) तक बनाई जानी थी।
कार्य शुरू: दिसंबर 2024
तय समय सीमा: 18 मई 2025
लेकिन तय समय सीमा खत्म हुए करीब 11 महीने बीत चुके हैं, और अब तक डामरीकरण नहीं हुआ।
धूल और गिट्टी से बढ़ी परेशानी
सड़क पर बिछाई गई गिट्टी अब वाहनों के दबाव से बिखरने लगी है।
दुपहिया चालकों के फिसलने का खतरा
उड़ती धूल से ग्रामीणों का जीना मुश्किल
सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की 5 साल की गारंटी होती है, लेकिन यहां काम पूरा होने से पहले ही स्थिति खराब हो गई।
क्या बोले जिम्मेदार?
इस मामले में जब विभाग से संपर्क किया गया तो विरोधाभासी जवाब सामने आए।
मुकेश रेबारी, सहायक अभियंता (PWD): पहले काम रुकने का कारण ‘युद्ध’ बताया गया, लेकिन बाद में ठेकेदार की लापरवाही स्वीकार करते हुए जल्द काम पूरा करवाने की बात कही।
ग्रामीणों की मांग
गौतम लोहार, वार्ड पंच: “दो साल से सड़क पर सिर्फ गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। आमजन को भारी परेशानी हो रही है। शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। ठेकेदार को पाबंद कर जल्द काम पूरा कराया जाए।”
बड़ा सवाल
क्या कागजों में ही पूरी हो गई सड़क?
क्या DMFT फंड के उपयोग में पारदर्शिता है?
कब मिलेगा ग्रामीणों को पक्की सड़क का लाभ?
वीरधोलिया का यह मामला सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि विभाग कब तक ठेकेदार पर कार्रवाई कर काम पूरा करवाता है।
