प्रतापगढ़ जिले में 8, 10 व 12वीं के विद्यार्थियों को मिलेगा 20 हजार का डीबीटी वाउचर

Thursday, Feb 12, 2026-07:19 PM (IST)

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में जलभराव, पेयजल संकट और अधूरे विकास कामों के बीच इस बार के बजट में कई नई घोषणाएं की गई हैं। नगरीय निकायों में ड्रेनेज सिस्टम बनाने की घोषणा के साथ ही समर कंटीजेंसी के लिए जिला कलेक्टर को एक करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया गया है। इससे गर्मियों में पेयजल संकट के दौरान नल, हैंडपंप और नलकूप की मरम्मत के साथ टैंकर व्यवस्था की जा सकेगी।

 

वर्तमान में जिले में 327 गांव पानी संकट से प्रभावित हैं और पिछले साल 65 हजार 500 टैंकर चलाए गए थे। नगरीय क्षेत्रों में अभी कोई ड्रेनेज सिस्टम नहीं है और प्रतापगढ़, धरियावद व छोटीसादड़ी में जलभराव की समस्या बनी रहती है। बजट में पंचायतों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं की भी घोषणाएं की गई हैं, जिनका असर विभिन्न विभागों के आंकड़ों से जुड़कर देखा जा रहा है। बजट में प्रतापगढ़ जिले के नगरीय निकायों में ड्रेनेज सिस्टम के काम की घोषणा की गई है। जिले में कुल तीन नगरीय निकाय हैं और अभी किसी भी शहर में ड्रेनेज लाइन मौजूद नहीं है। प्रतापगढ़ और धरियावद व छोटीसादड़ी में हर बारिश में जलभराव की समस्या सामने आती है। समर कंटीजेंसी के लिए एक करोड़ रुपए मिलने से पेयजल व्यवस्थाओं में राहत की उम्मीद है। 

 

प्रतापगढ़ में तीन शहरी और 146 ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालित हैं, जबकि 8 हैंडपंप और 1 नलकूप खराब बताए गए हैं। साल 2026 में 519 ग्राम और 83 ढाणियों में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव है। किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 160 करोड़ का अनुदान, 8,000 डिग्गियों का निर्माण, 36 हजार फार्म पोंड और 50 हजार किसानों को तारबंदी के लिए 288 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है। जिले में कुल 2 लाख 82 हजार किसान हैं और फार्म पोंड 1 लाख 50 हजार बताए गए है। चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ के बीच बड़ीसादड़ी में मिसिंग लिंक सड़क के लिए 5 करोड़ रुपए, जाखम बांध आधारित पेयजल परियोजना की डीपीआर के लिए 1.37 करोड़, सुहागपुरा में नया 33/11 केवी जीएसएस और राजपुरिया में नई पुलिस चौकी की घोषणा भी की गई है। सीतामाता को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने का प्रावधान भी बजट में शामिल है। 

 

हालांकि, पिछले साल के बजट की कई घोषणाएं अब तक कागजों में अटकी हुई हैं। सीतामाता पर्यटन विकास, गोतमेश्वर ट्राइबल टूरिज्म सेंटर, विशेष न्यायालय, एयरस्ट्रिप उन्नयन, एनिकट निर्माण और सड़क मरम्मत जैसे काम शुरू नहीं हो पाए हैं, जिससे विकास कामों की रफ्तार पर सवाल बने हुए हैं। बजट प्रतिक्रिया पेज 24 पर पढ़े शिक्षा क्षेत्र में 8, 10 और 12वीं के 55,098 विद्यार्थियों को टैबलेट खरीद पर 20 हजार रुपए का डीबीटी वाउचर दिया जाएगा। 9वीं में प्रवेश लेने वाली 7,762 छात्राओं को साइकिल के लिए ई-वाउचर मिलेगा, जबकि 1 से 8वीं तक के 1,16,235 विद्यार्थियों को फ्री यूनिफॉर्म का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में हर ग्राम पंचायत में आरोग्य शिविर लगाने की घोषणा की गई है। जिले में 32 पीएचसी, 11 उपस्वास्थ्य केंद्र और करीब 18 डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। बजट में नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाने और 3467 ग्राम पंचायतों में विकास कामों के लिए 3000 करोड़ रुपए की लागत से योजनाएं लागू करने की घोषणा की गई है। जिले में वर्तमान में 233 ग्राम पंचायतें हैं और 3789 विकास काम अधूरे हैं।


Content Editor

Anil Jangid

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