पीआरएन (दक्षिण) जोन 18 और 19 में 429 दुकानों-मकानों के स्वामियों को नोटिस, हाईकोर्ट के आदेश पर JDA की कार्रवाई

Tuesday, Aug 25, 2026-07:23 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर पीठ के आदेश की अनुपालना में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने पीआरएन (दक्षिण) के जोन 18 और 19 में सरकारी भूमि एवं सड़क भूमि पर कथित अतिक्रमण और निर्माण से जुड़े 429 दुकानों एवं मकानों के संबंध में कार्रवाई तेज कर दी है। संबंधित संपत्ति स्वामियों को न्यायालय की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।

जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से संबंधित प्रवर्तन अधिकारी, पीआरएन (दक्षिण) जोन 18 एवं 19 के माध्यम से हाईकोर्ट में अतिरिक्त शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ 429 दुकानों एवं मकानों की सूची भी न्यायालय के समक्ष पेश की गई है। शपथ-पत्र में बताया गया है कि सूचीबद्ध निर्माण सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और सड़क भूमि पर किए गए निर्माण से संबंधित हैं।

पहले भी जारी किए जा चुके हैं नोटिस

JDA के अनुसार संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्हें न्यायालय में लंबित प्रकरण की जानकारी भी दी गई थी। अब हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सरकारी जमीन और सड़क पर निर्माण को लेकर अधिकारियों से जवाब तलब

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि कई मकान संबंधित प्रवर्तन अधिकारी और क्षेत्र के प्रभारी उपायुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण की जानकारी में सरकारी भूमि एवं सड़क पर निर्मित हुए हैं।

न्यायालय ने संबंधित प्रवर्तन अधिकारी और JDA के उपायुक्त को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि एवं सड़क पर इन कथित अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को किस प्रकार होने दिया गया।

429 संपत्ति स्वामियों को कोर्ट का नोटिस

न्यायालय ने यह भी पाया कि सूची में कुछ आवासों, मकानों और दुकानों के स्वामियों के नाम दर्ज नहीं हैं। इस संबंध में JDA की ओर से उपस्थित अधिवक्ता को संबंधित मकानों का आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट ने 429 आवासों एवं मकानों से जुड़े सभी संबंधित स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। संबंधित प्रवर्तन अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक नोटिस संबंधित स्वामी को व्यक्तिगत रूप से तामील कराने के साथ-साथ संबंधित मकान पर भी चस्पा किया जाए।

नोटिस प्राप्त करने वाले संबंधित व्यक्तियों को आगामी सुनवाई में अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने संबंधित भूमि पर अपने मकानों का निर्माण किस प्रकार किया।

1 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। JDA की ओर से न्यायालय के निर्देशों की पालना में संबंधित अभिलेख और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

न्यायालय के आदेश के अनुसार, मामले में कुछ व्यक्तियों ने उन्हें पक्षकार बनाए जाने के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किए हैं। हाईकोर्ट ने इन आवेदनों की प्रतियां JDA के अधिवक्ता और रिट याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता होने पर वे अपना जवाब प्रस्तुत कर सकें।


Content Editor

Sourabh Dubey

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