नागौर में नो-एंट्री आदेश ‘एक्सपायर’! कलक्टर के रिटायर होते ही सड़कों पर दौड़ रहे भारी वाहन
Tuesday, Feb 24, 2026-03:04 PM (IST)
नागौर: राजस्थान के नागौर शहर में सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए जारी नो-एंट्री जोन के आदेश पूर्व जिला कलक्टर के रिटायर होते ही ठंडे बस्ते में चले गए हैं। सेवानिवृत्ति से ठीक पहले जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शहर के नौ प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों की पालना 27 जनवरी से लागू होनी थी, लेकिन 25 दिन बीतने के बाद भी शहर में भारी वाहनों की आवाजाही जारी है।
आदेश के अनुसार ट्रक, ट्रेलर, डंपर, कंटेनर और अन्य भारी मालवाहक वाहन तय समयावधि में शहर के चिन्हित मार्गों और चौराहों पर प्रवेश नहीं कर सकते थे। यह प्रतिबंध राष्ट्रीय राजमार्ग 58, राष्ट्रीय राजमार्ग 62, राष्ट्रीय राजमार्ग 89 और राष्ट्रीय राजमार्ग 90 से जुड़े मार्गों पर लागू किया गया था।
हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के जोधपुर रोड, लाडनूं रोड, बीकानेर रोड, अजमेर रोड और डीडवाना रोड सहित अन्य प्रमुख प्रवेश मार्गों से दिनदहाड़े ट्रक और डंपर बेरोकटोक गुजर रहे हैं। कहीं भी भारी वाहनों को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त नजर नहीं आया।
शहरवासियों का कहना है कि नो-एंट्री जोन में भारी वाहनों की एंट्री से हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। खासकर स्कूल और कॉलेजों के बाहर विद्यार्थियों की भीड़ के बीच भारी वाहनों की आवाजाही गंभीर खतरा बन सकती है। इन दिनों बोर्ड और कॉलेज परीक्षाओं के चलते भीड़ और अधिक है, लेकिन जिम्मेदार विभाग का ध्यान इस ओर नहीं दिख रहा।
गत 3 दिसंबर को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शहर में ट्रैफिक लाइट लगाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन ढाई महीने बाद भी यह काम शुरू नहीं हो सका है।
यातायात प्रभारी देवीलाल ने कहा कि दिन में भारी वाहनों की एंट्री बंद है और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हालांकि, कुछ पुलिसकर्मी पुष्कर ड्यूटी पर गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं आदेशों की अवहेलना हो रही है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
