साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामला: कंपाउंडर की नर्सिंग डिग्री जांच के घेरे में, पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई?
Monday, Feb 23, 2026-01:14 PM (IST)
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बोरानाडा थाना क्षेत्र के पाल स्थित आरती नगर आश्रम में 28 जनवरी को हुई इस घटना में इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर को पुलिस ने पकड़ लिया है। हालांकि जमानती अपराध होने के कारण उसे जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया, लेकिन उसकी नर्सिंग डिग्री की गहन जांच की जा रही है।
सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा के अनुसार, इस मामले में मथुरादास माथुर अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारी देवीसिंह राजपुरोहित से पूछताछ की गई है। पुलिस ने उसका जमानत मुचलका और बंध पत्र भरवाया है तथा चालान पेश होने के समय अदालत में उपस्थित रहने के लिए पाबंद किया है।
जानकारी के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत खराब हुई थी। शाम करीब पांच बजे देवीसिंह आश्रम पहुंचा और उसने डेक्सोना तथा डायनापार नामक दो इंजेक्शन एक ही सिरिंज में भरकर साध्वी को लगाए। इंजेक्शन लगाने के करीब बीस मिनट बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्हें तुरंत पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में मृत्यु का कारण अस्थमा के दौरान कार्डियक अरेस्ट बताया गया। हालांकि पुलिस ने इंजेक्शन के संभावित रिएक्शन को लेकर दोबारा विशेषज्ञ राय मांगी। नई राय में इंजेक्शन के कारण मृत्यु की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया। इसके आधार पर 17 फरवरी को देवीसिंह के खिलाफ उपेक्षापूर्ण कृत्य से मृत्यु कारित करने का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अब कंपाउंडर की शैक्षणिक योग्यता और नर्सिंग डिग्री के दस्तावेजों की जांच कर रही है। यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अब तक उससे पांच बार पूछताछ की जा चुकी है। संभावना है कि अगले सप्ताह जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
यह मामला शहर में चिकित्सा लापरवाही और निजी स्तर पर इलाज की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
