शेखावाटी में ACB की बड़ी कार्रवाई: एक साल में 13 भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार, 4.40 लाख रिश्वत बरामद

Sunday, Mar 08, 2026-06:10 PM (IST)

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पिछले एक वर्ष में झुंझुनूं एसीबी की टीम ने 13 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

इन कार्रवाइयों के दौरान कुल 4.40 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है। यह कार्रवाई झुंझुनूं के अलावा पड़ोसी जिलों सीकर और चूरू में भी की गई, जिससे शेखावाटी क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा मामले

ACB के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले राजस्व विभाग में सामने आए हैं।

जमीन की पैमाइश, नामांतरण और अन्य राजस्व कार्यों के बदले रिश्वत मांगने के मामलों में नवलगढ़, बुहाना और दूधवा खारा के पटवारियों को ट्रैप कार्रवाई में पकड़ा गया।

इन मामलों में शिकायत मिलने के बाद ACB टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को रिश्वत लेते समय रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

पुलिस विभाग के कर्मचारी भी पकड़े गए

भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिस विभाग के कर्मचारी भी अछूते नहीं रहे

लोसल, रानोली और बुहाना क्षेत्रों में तैनात हेड कांस्टेबलों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। इन कर्मचारियों पर आरोप था कि वे अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर काम के बदले पैसे मांग रहे थे।

ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप कार्रवाई कर इन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

छोटे कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक कार्रवाई

ACB की इन कार्रवाइयों में विभिन्न विभागों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे।

इनमें भूमि शाखा प्रभारी, सहायक लेखाधिकारी (AAO), बिजली विभाग के कर्मचारी, सहकारी समिति अध्यक्ष, राजीविका कर्मचारी और नगर पालिका के तकनीकी विशेषज्ञ जैसे पदों पर कार्यरत लोग शामिल हैं।

इससे स्पष्ट होता है कि भ्रष्टाचार केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि कई विभागों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।

राजगढ़ और सरदारशहर में बड़ी ट्रैप कार्रवाई

ACB की सबसे बड़ी कार्रवाई चूरू जिले के राजगढ़ में हुई, जहां भूमि शाखा प्रभारी को 1.90 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया

इसके अलावा सरदारशहर में सहायक लेखाधिकारी (AAO) को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

इन दोनों मामलों को इस वर्ष की प्रमुख ट्रैप कार्रवाइयों में शामिल माना जा रहा है।

अन्य मामलों में भी कार्रवाई

इसके अलावा चिड़ावा में बिजली विभाग के कर्मचारी को 30 हजार रुपये, पिलानी में सहकारी समिति अध्यक्ष को 30 हजार रुपये, बुहाना में हेड कांस्टेबल को 20 हजार रुपये और सुल्ताना में राजीविका कर्मचारी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

इसके अलावा अन्य मामलों में भी अलग-अलग स्थानों पर 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की रिश्वत लेते हुए कर्मचारी गिरफ्तार किए गए।

पड़ोसी जिलों में भी बढ़ी सक्रियता

झुंझुनूं ACB की टीम ने केवल अपने जिले में ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों सीकर और चूरू में भी ट्रैप कार्रवाई की है।

इन कार्रवाइयों के बाद अब दूसरे जिलों के लोग भी भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर झुंझुनूं ACB कार्यालय पहुंच रहे हैं।

ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।

ASP बोले- रिश्वत के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

झुंझुनूं ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Narendra Poonia ने कहा कि विभाग की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो लोग बिना डर के इसकी शिकायत करें।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश

ACB की लगातार हो रही ट्रैप कार्रवाइयों से शेखावाटी क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है।

विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।


Content Editor

Payal Choudhary

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