वसुंधरा राजे करेंगी शुभारंभ, दुष्यंत सिंह 21 फरवरी से शुरू करेंगे चार दिवसीय जन संवाद पदयात्रा
Wednesday, Feb 18, 2026-04:37 PM (IST)
झालावाड़-बारां संसदीय क्षेत्र में जनसंपर्क को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से सांसद दुष्यंत सिंह 21 फरवरी से चार दिवसीय ‘सांसद जन संवाद’ पदयात्रा के तृतीय चरण की शुरुआत करेंगे। इस पदयात्रा का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पूजा-अर्चना के साथ करेंगी। भाजपा संगठन ने इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा के अनुसार पदयात्रा 21 फरवरी को सुबह 10 बजे खोयरा गांव से प्रारंभ होगी। पहले दिन यात्रा खोयरा से बकानी होते हुए खेड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इस दौरान सांसद ग्रामीणों से संवाद करेंगे, स्थानीय समस्याएं सुनेंगे और विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी भी लेंगे।
पदयात्रा के दूसरे दिन 22 फरवरी को यात्रा खेड़ा से प्रारंभ होकर कोली पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। तीसरे दिन 23 फरवरी को कोली से पाटलिया तक पदयात्रा निकाली जाएगी। अंतिम दिन 24 फरवरी को यात्रा कोलाना से शुरू होकर गोर्धनपुरा में पहुंचकर संपन्न होगी। चारों दिनों में अलग-अलग गांवों में जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस पदयात्रा में बकानी मंडल और रटलाई मंडल के भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल करना है।
सांसद दुष्यंत सिंह पूर्व में भी इसी प्रकार की जन संवाद यात्राएं निकाल चुके हैं। उन यात्राओं के दौरान सामने आई समस्याओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुलझाने की कोशिश की गई थी। पार्टी का दावा है कि जनसंवाद से क्षेत्र की विकास योजनाओं को गति मिली है और ग्रामीणों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस पदयात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीण अंचल में सीधा संवाद कर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का यह प्रयास आगामी चुनावी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भी अहम माना जा रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि पदयात्रा के दौरान सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सांसद स्वयं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के त्वरित निस्तारण का प्रयास करेंगे।
चार दिवसीय इस ‘सांसद जन संवाद’ पदयात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों में भी इस यात्रा को लेकर उत्सुकता है, क्योंकि उन्हें अपने जनप्रतिनिधि से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। भाजपा संगठन इसे जनआशीर्वाद यात्रा के रूप में देख रहा है, जहां जनता की भागीदारी और सुझाव भविष्य की विकास योजनाओं की दिशा तय करेंगे।
