जालोर में रामनवमी शोभायात्रा में दिखा अद्भुत नजारा: मुंह से आग उगलते कलाकार, 7 रथों और 14 झांकियों ने बढ़ाया आकर्षण!
Thursday, Mar 26, 2026-03:05 PM (IST)
रामनवमी के अवसर पर जालोर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक रंगों का अनूठा संगम देखने को मिला। शोभायात्रा में युवाओं ने भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा के रंग और उत्साह
भारत माता चौक से शुरू हुई यात्रा
यह शोभायात्रा सुबह करीब 8 बजे भारत माता चौक से शुरू हुई।
आयोजन Sanatan Mahotsav Samiti के तत्वावधान में किया गया
प्रमुख मार्ग
- बागोड़ा रोड
- पंचायत समिति
- बड़ी पोल
- मुख्य बाजार
- गांधी चौक
- सूरज पोल
- राजेंद्र नगर
- अस्पताल चौराहा
यात्रा अंत में वापस भारत माता चौक पहुंचकर संपन्न हुई, जहां रामदेवजी मंदिर में पूजा-अर्चना की गई।
7 रथों में संत-महंत और राम दरबार
शोभायात्रा में 7 रथों पर संत-महंत विराजमान रहे
- Yogi Ishwarnath Maharaj
- Pawan Puri Maharaj
रथों में भगवान श्रीराम के रूप में सजे छात्र-छात्राएं विशेष आकर्षण बने
14 ट्रैक्टरों में सजी भव्य झांकियां
शोभायात्रा में 14 ट्रैक्टरों पर आकर्षक झांकियां सजाई गईं
- गणगौर माता
- भगवान शिव
- राम दरबार
सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में लोग झांकियां देखने उमड़े
मुंह से आग उगलते कलाकार बने आकर्षण
शोभायात्रा के दौरान कलाकारों ने मुंह से आग उगलकर करतब दिखाए, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया।
इसके अलावा
- तलवारबाजी के प्रदर्शन
- अघोरी वेश में कलाकार
- भगवान शिव के रूप में सजा बालक
ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया
बच्चों और छात्राओं की प्रस्तुति ने बांधा समां
इमैनुअल स्कूल की छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत किया
घोड़ों पर सवार महापुरुषों के रूप में छात्र-छात्राएं शामिल हुए
इन प्रस्तुतियों ने शोभायात्रा को और भी आकर्षक बना दिया
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
जगह-जगह पानी और जूस की व्यवस्था
श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर लगाए गए
पूरे दिन रहा भक्ति का माहौल
रामनवमी के अवसर पर
- मंदिरों में भजन-कीर्तन
- आरती और धार्मिक आयोजन
पूरे शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा
निष्कर्ष
जालोर में रामनवमी की शोभायात्रा ने धार्मिक आस्था, संस्कृति और उत्साह का शानदार उदाहरण पेश किया। संत-महंतों की उपस्थिति, झांकियों की भव्यता और कलाकारों के प्रदर्शन ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
