आहोर विधायक छगनसिंह की मांग: शंखवाली और नोसरा को आहोर तहसील में जोड़ने का प्रस्ताव, नए पटवार मंडल बनाने की भी उठी बात
Tuesday, Mar 10, 2026-04:33 PM (IST)
राजस्थान विधानसभा में जालोर जिले के आहोर क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व मुद्दे उठाए गए। आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने प्रश्नकाल के दौरान अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सदन में रखते हुए शंखवाली और नोसरा गांवों को आहोर तहसील में शामिल करने की मांग की। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में नए पटवार मंडलों के गठन और रिक्त पदों पर पटवारियों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया।
विधायक की मांग पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए मामले पर विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विधानसभा में उठाया राजस्व से जुड़ा मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से आहोर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण राजस्व विषयों को सदन के सामने रखा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पटवार मंडलों की वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। कई गांवों में राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों को काफी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नए पटवार मंडलों के गठन की मांग
विधायक ने कहा कि क्षेत्र में आबादी और गांवों की संख्या बढ़ने के कारण नए पटवार मंडलों का गठन आवश्यक हो गया है।
यदि नए पटवार मंडल बनाए जाते हैं तो राजस्व से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि कई जगहों पर पटवारियों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसके कारण जमीन से जुड़े मामलों और अन्य राजस्व कार्यों में देरी हो रही है।
रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग
छगनसिंह राजपुरोहित ने सदन में कहा कि क्षेत्र में पटवारियों के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नवसृजित ग्रामों को उनके नजदीकी पटवार मंडलों से जोड़ा जाए ताकि ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्यों के लिए अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े।
शंखवाली और नोसरा को आहोर तहसील से जोड़ने का प्रस्ताव
विधायक ने पूरक प्रश्न के दौरान शंखवाली और नोसरा गांवों को आहोर तहसील में शामिल करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन गांवों के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दूर स्थित कार्यालयों में जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है।
यदि इन गांवों को आहोर तहसील से जोड़ दिया जाए तो स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
विधायक ने सदन में कहा कि इन गांवों को आहोर तहसील में शामिल करने से ग्रामीणों को जमीन, नामांतरण, खातेदारी और अन्य राजस्व कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
इससे न केवल लोगों का समय बचेगा बल्कि प्रशासनिक कार्य भी अधिक तेजी से पूरे हो सकेंगे।
राजस्व मंत्री ने दिया आश्वासन
विधायक की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक दृष्टि से यह प्रस्ताव उचित पाया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्रवासियों को उम्मीद
विधानसभा में यह मुद्दा उठने के बाद आहोर क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग जल्द पूरी हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार होता है और नए पटवार मंडलों का गठन किया जाता है तो इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।
