सांगड़ में जैविक विविधता पार्क का उद्घाटन, नेडस्पाइस ने 700 पौधे लगाए!

Sunday, Feb 22, 2026-07:33 PM (IST)

पांच साल तक कंपनी करेगी देखरेख, ग्रामीणों और किसानों ने सराहा पर्यावरणीय पहल

राजस्थान के सांगड़ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। प्रताप सिंह भोमिया मंदिर परिसर में नेडस्पाइस प्रोसेसिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित जैविक विविधता पार्क का विधिवत उद्घाटन 22 फरवरी को किया गया। इस पार्क में कुल 700 पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की हरियाली और जैव विविधता को समृद्ध करेंगे।

यह पहल केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी ने इस पार्क को अगले पांच वर्षों के लिए गोद लेने का निर्णय भी लिया है। इस दौरान पौधों की नियमित देखरेख, सिंचाई, संरक्षण और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी कंपनी द्वारा निभाई जाएगी। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, निरंतर निगरानी और संरक्षण के कारण सभी पौधे वर्तमान में अच्छी स्थिति में हैं और उनका विकास संतोषजनक है।

उद्घाटन समारोह में नेडस्पाइस प्रोसेसिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गुलशन जॉन और गगन गणपति सहित कंपनी के अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रताप सिंह भोमिया ट्रस्ट के सदस्य काचब दान और कैलाश दान, सांगड़ के सरपंच शंभू दान, पुलिस विभाग से शोभ सिंह और कुशाल चंद भी शामिल हुए। इसके अलावा कंपनी के अन्य सदस्य और क्षेत्र के कई किसान भी इस अवसर पर मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पौधारोपण कर पार्क का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जैविक विविधता पार्क न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं। इस तरह की पहल से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है, भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है और पक्षियों व अन्य जीवों के लिए प्राकृतिक आवास तैयार होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के पार्क विकसित होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।

नेडस्पाइस कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल औद्योगिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी प्राथमिकता देना है। कंपनी की यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत की गई है, जिसका मकसद स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर सतत विकास को बढ़ावा देना है।

स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने भी इस प्रयास की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि गांव में इस प्रकार का जैविक विविधता पार्क बनना गर्व की बात है। इससे न केवल वातावरण शुद्ध होगा, बल्कि बच्चों और युवाओं में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कंपनी ऐसे सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों में सहयोग करती रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निजी कंपनियां और स्थानीय समुदाय मिलकर इस तरह के प्रयास करें तो ग्रामीण भारत में हरित क्रांति का नया अध्याय लिखा जा सकता है। सांगड़ में स्थापित यह जैविक विविधता पार्क आने वाले समय में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर सकता है, जो अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरित करेगा।

यह पहल स्पष्ट करती है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही स्थायी बदलाव संभव है। सांगड़ का यह प्रयास इसी दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम है।


Content Editor

Payal Choudhary

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