जैसलमेर में तेज हवाओं से गिरा तापमान: 17 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवा, कटी फसलों को नुकसान की आशंका!
Thursday, Mar 12, 2026-01:53 PM (IST)
राजस्थान के जैसलमेर जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शहर और आसपास के इलाकों में लगातार दूसरे दिन तेज हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को करीब 17 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के कारण मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हुआ।
बुधवार शाम को आसमान में अचानक बादल छा गए थे, जिसका असर गुरुवार सुबह भी देखने को मिला। बादलों और तेज हवाओं की वजह से सूरज की तपन कम हो गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।
तेज हवाओं से मौसम में बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
आमतौर पर मार्च के महीने में जैसलमेर में तेज गर्मी पड़ने लगती है, लेकिन इन दिनों हवा चलने और बादल छाने से तापमान में कुछ कमी देखने को मिली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी के बीच यह मौसम राहत लेकर आया है।
कटी फसलों को नुकसान का खतरा
हालांकि मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के कारण खेतों में पड़ी कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
जैसलमेर जिले में इस समय रबी सीजन की मुख्य फसलों की कटाई और थ्रेसिंग का काम चल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश इलाकों में सरसों की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कई किसानों की कटी हुई फसल अभी भी खेतों में ही पड़ी हुई है।
तेज हवाओं के कारण सूखी फसल के उड़ने और सरसों की फलियों से दाने झड़ने का खतरा बना हुआ है।
किसानों की बढ़ी चिंता
किसानों का कहना है कि यदि तेज हवाओं का यह दौर लंबे समय तक जारी रहा तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
सरसों की कटाई के बाद फसल को खेतों में सुखाने और थ्रेसिंग के लिए रखा जाता है। ऐसे में तेज हवा चलने से फसल बिखरने या उड़ने का खतरा रहता है।
इसके अलावा फलियों से दाने झड़ने की समस्या भी सामने आ सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पिछले वर्षों के मुकाबले जल्दी बढ़ी गर्मी
पिछले तीन-चार वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में ही गर्मी के तेवर तेज दिखाई देने लगे हैं।
पिछले वर्ष 10 मार्च को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद 11 मार्च को तापमान गिरकर 34.7 डिग्री तक पहुंच गया था।
इसके बाद मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ा और 23 मार्च को 39.8 डिग्री तथा 24 मार्च को 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
सामान्यतः इतना रहता है तापमान
मौसम के पिछले रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2022 से 2024 के बीच मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता था।
जबकि मार्च के तीसरे और चौथे सप्ताह में तापमान आमतौर पर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जाता रहा है।
इस वर्ष भी मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च के अंत तक तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
आगे मौसम कैसा रहेगा
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में हवाओं की गति कम होने पर तापमान फिर से बढ़ सकता है।
फिलहाल बादलों की हल्की आवाजाही और हवाओं के कारण मौसम में कुछ राहत बनी हुई है।
हालांकि किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
