ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैसलमेर में फिर बजेंगे सायरन: 27 मार्च को 11 जगहों पर टेस्टिंग, प्रशासन ने दी सफाई!
Tuesday, Mar 24, 2026-07:49 PM (IST)
जैसलमेर शहर में आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार शहर के 11 प्रमुख स्थानों पर लगाए गए अत्याधुनिक सायरन सिस्टम की 27 मार्च को सुबह 11 बजे टेस्टिंग की जाएगी।
नगर परिषद के आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा ने स्पष्ट किया है कि यह केवल तकनीकी जांच है और आमजन को घबराने की जरूरत नहीं है।

11 जगहों पर लगाए गए हाईटेक सायरन
प्रशासन की ओर से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में GSM-कंट्रोल्ड हूपर और लाउडस्पीकर सिस्टम लगाए गए हैं।
- ये सायरन पूरी तरह डिजिटल और रिमोट कंट्रोल आधारित हैं
- किसी भी आपात स्थिति में एक साथ एक्टिव किए जा सकते हैं
- पूरे शहर को कुछ ही सेकंड में अलर्ट किया जा सकता है
आपदा और इमरजेंसी में मिलेगा तुरंत अलर्ट
इन सायरन सिस्टम का मुख्य उद्देश्य
- आगजनी
- प्राकृतिक आपदा
- सुरक्षा से जुड़ी आपात स्थिति
जैसी घटनाओं के दौरान नागरिकों को तुरंत सूचना देना है।
यह सिस्टम प्रशासन को रियल टाइम में अलर्ट जारी करने की सुविधा देता है, जिससे नुकसान को कम किया जा सके।
27 मार्च को सुबह 11 बजे होगी टेस्टिंग
सभी 11 स्थानों पर एक साथ सायरन बजेंगे
यह केवल टेस्टिंग प्रक्रिया का हिस्सा है
नागरिकों को किसी प्रकार की अफवाह से बचने की सलाह दी गई है
प्रशासन की अपील: घबराएं नहीं
नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा ने लोगों से अपील करते हुए कहा:
“सायरन की आवाज सुनकर घबराएं नहीं, यह केवल रूटीन टेस्टिंग है।”
“शांति बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें।”
क्यों जरूरी है यह सिस्टम?
आज के समय में शहरों में आपदा प्रबंधन के लिए ऐसे सिस्टम बेहद जरूरी हो गए हैं क्योंकि:
- समय पर चेतावनी से जान-माल की हानि कम होती है
- भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में तेजी से सूचना पहुंचती है
- प्रशासन को बेहतर नियंत्रण मिलता है
निष्कर्ष
जैसलमेर प्रशासन द्वारा लगाया गया यह सायरन सिस्टम शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। 27 मार्च को होने वाली टेस्टिंग इसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
