भाजपा पर फर्जी शिकायतों से वोट कटवाने की साजिश का आरोप, जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
Friday, Jan 16, 2026-02:34 PM (IST)
जैसलमेर। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों को लेकर जैसलमेर कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा नेता फर्जी और मनगढ़ंत शिकायतों के जरिए मतदाताओं के नाम कटवाने की सुनियोजित साजिश कर रहे हैं। इसी को लेकर बुधवार को कांग्रेस कार्यालय में बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
लोकतंत्र पर सीधा हमला : अमरदीन फकीर
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा कि जैसलमेर ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर में मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा फर्जी शिकायतें दी जा रही हैं।
उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग के नियमों को दरकिनार कर राजनीतिक दबाव में निर्दोष मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। भाजपा यह समझ चुकी है कि जनता का भरोसा उससे उठ चुका है, इसलिए अब वह वोट काटने की राजनीति पर उतर आई है।
मतदाता सूची से नाम हटाना गंभीर प्रक्रिया
अमरदीन फकीर ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ना या हटाना एक गंभीर और संवेदनशील प्रक्रिया है, लेकिन भाजपा नेता इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। यह न केवल असंवैधानिक है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव की भावना के भी खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर निर्वाचन कार्यालय तक संघर्ष करेगी। यदि फर्जी शिकायतों पर रोक नहीं लगी तो कांग्रेस को उग्र जन आंदोलन करना पड़ेगा।
अल्पसंख्यक और SC-ST वोटरों को निशाना बनाने का आरोप
इस दौरान बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर से अपनी पीड़ा साझा की। उनका आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में मुसलमानों तथा SC-ST वर्ग के मतदाताओं को टारगेट कर वोट काटे जा रहे हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि जब उन्होंने इस संबंध में उपखंड अधिकारी से बात की तो उन्हें बताया गया कि सूचियां भाजपा कार्यालय में तैयार हो रही हैं।
मतदाता सूची से नाम कटने के बाद प्रभावित लोग अपने अधिकारों के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो यह मुद्दा जिले से निकलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है।
