बस अग्निकांड के बाद सख्ती: स्लीपर बसों के लिए नए नियम, गडकरी का साफ संदेश—अब नहीं चलेगा जुगाड़
Friday, Jan 09, 2026-07:45 PM (IST)
जैसलमेर। जैसलमेर में 14 अक्टूबर को हुए भीषण बस अग्निकांड, जिसमें 29 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, के बाद देशभर में बसों में आग लगने की घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इन हादसों में करीब 145 लोगों की जान जाने के बाद अब केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर स्लीपर बसों के लिए नए और सख्त सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं। केंद्र सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अब यात्रियों की जान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और बस संचालन में किसी भी प्रकार का जुगाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
नए नियमों के तहत स्लीपर बसों के निर्माण मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा। अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान ही कर सकेंगे। मौजूदा स्लीपर बसों को भी नए सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपडेट करना अनिवार्य होगा। फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, फिटनेस सर्टिफिकेट और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सरकार ने ‘m Parivahan’ ऐप और ‘Parivahan Sewa’ पोर्टल के उपयोग पर भी जोर दिया है। यात्री बस का नंबर डालकर यह जांच सकते हैं कि बस का पंजीकरण वैध है या नहीं, फिटनेस सर्टिफिकेट सही है या नहीं और बस एसी है या नॉन-एसी।
नितिन गडकरी ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर उन परिवहन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने बस बॉडी बिल्डरों को सेल्फ सर्टिफिकेशन की अनुमति दी थी। केंद्र सरकार का मानना है कि लापरवाही और नियमों में ढील के कारण ही इस तरह के हादसे सामने आते हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि सख्त नियमों और नियमित निगरानी के माध्यम से भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके और यात्रियों को सुरक्षित सफर मिल सके। यह फैसला देशभर में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
