बजट 2026 से जयपुर को मिलेगी नई विकास दिशा: सांसद मंजू शर्मा
Sunday, Feb 01, 2026-06:08 PM (IST)
जयपुर। जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026-27 को महिला सशक्तिकरण के साथ हस्तशिल्प, हथकरघा, कारीगरी और पारंपरिक कला—को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐसा बजट बताया है जो जयपुर को विरासत के साथ विकास की ओर ले जाएगा।
सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि इस बजट में टेक्सटाइल, हैंडलूम और हस्तशिल्प क्षेत्रों के लिए की गई घोषणाओं से जयपुर के कारीगरों, शिल्पकार महिलाओं और लघु उद्यमियों को स्थायी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना, क्लस्टर आधुनिकीकरण और मार्केट लिंकेंज के माध्यम से जयपुर की कलाकारी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का मजबूत आधार तैयार किया गया है।
मंजू शर्मा ने कहा कि बजट में हर जिले में महिला एवं बालिका छात्रावास निर्माण का प्रावधान जयपुर की बेटियों के सपनों को पंख देने वाला कदम है। जयपुर शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च अध्ययन का प्रमुख केंद्र है, ऐसे में छात्रावासों की सुविधा से दूर-दराज़ से आने वाली बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण मिलेगा।
सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि बजट में एमएसएमई और स्टार्टअप्स को दिए गए प्रोत्साहन से जयपुर के छोटे उद्योग, हस्तशिल्प इकाइयाँ और नवाचार आधारित व्यवसाय नई गति पकड़ेंगे। दस हजार करोड़ रुपए केएमएसएमई विकास कोष, क्रेडिट गारंटी और टियर-2 शहरों पर विशेष फोकस से जयपुर में रोजगार सृजन, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से जुड़े प्रावधान जयपुर को पर्यटन, व्यापार और निवेश का राष्ट्रीय हब बनाने में सहायक होंगे। रेलवे के आधुनिकीकरण, शहरी विकास योजनाओं और स्मार्ट कनेक्टिविटी से जयपुर का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि यह बजट प्रदेश और देश को आर्थिक मजबूती देनेवाला और स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत को साकार करनेवाला सर्वस्पर्शी बजट है। इसमें युवा, महिलाओं, किसान, एमएसएमई, स्टार्टअप, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और नवाचार जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया है। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,सेमीकंडक्टर मिशन, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे आधुनिक क्षेत्रों को नई गति देने के प्रावधान भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होंगे।
कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ, जल संरक्षण, पशुपालन और किसानों की आय बढ़ाने के प्रावधानों से गाँवों में समृद्धि का नया अध्याय शुरु होगा। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत की सोच को यह बजट ज़मीन पर उतारने वाला साबित होगा। कुलमिलाकर यह बजट देश और प्रदेश दोनों की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।
