अप्रैल के बाद ही होंगे निकाय चुनाव: 196 नगरीय निकायों में वोटर लिस्ट की प्रक्रिया शुरू, 22 अप्रैल को आएगी अंतिम सूची

Friday, Feb 20, 2026-07:34 PM (IST)

प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के साथ ही शहरी निकायों में मतदाता सूची तैयार करने का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस शेड्यूल से स्पष्ट हो गया है कि अप्रैल माह के भीतर चुनाव कराना संभव नहीं होगा और निकाय चुनाव अब अप्रैल के बाद ही कराए जाने की संभावना है।

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार फिलहाल 39 जिलों की 196 नगरीय निकायों में ही चुनाव कराए जा सकते हैं। इन्हीं निकायों के लिए मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। कार्यक्रम के तहत 24 मार्च 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 28 दिनों तक आम नागरिकों से दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। संबंधित अधिकारियों द्वारा इन आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद 22 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

मतदाता सूची की यह पूरी प्रक्रिया ही लगभग एक महीने से अधिक समय ले रही है। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव संपन्न कराने के निर्देशों के बावजूद, व्यावहारिक रूप से अप्रैल के मध्य तक चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा। आयोग ने अपने आदेश में हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हीं के अनुपालन में चुनावी तैयारियां शुरू की गई हैं, लेकिन निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी अनिवार्य है।

इन नगर निगमों में होंगे चुनाव

नगर निगम स्तर पर जिन प्रमुख शहरों में चुनाव प्रस्तावित हैं, उनमें अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, जयपुर, अलवर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर शामिल हैं। इन बड़े शहरों में चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि यहां के नतीजे प्रदेश की शहरी राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नगर परिषद स्तर पर ये शहर शामिल

नगर परिषदों में सलूंबर, निम्बाहेड़ा, बांसवाड़ा, बूंदी, बारां, जालोर, बालोतरा, बाड़मेर, तिजारा, खैरथल, बहरोड़, झुंझुनूं, फतेहपुर, सीकर, दौसा, शाहपुरा (जयपुर), सवाई माधोपुर, हिंडौन सिटी, धौलपुर, सुजानगढ़, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, डीडवाना, मकराना, ब्यावर, टोंक, नागौर और किशनगढ़ (अजमेर) में चुनाव कराए जाने हैं। इन नगर परिषदों में भी मतदाता सूची का कार्य उसी तय शेड्यूल के अनुसार पूरा किया जाएगा।

कुल मिलाकर देखा जाए तो आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत कर दी है, लेकिन मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव अब अप्रैल के बाद ही होने लगभग तय माने जा रहे हैं। राजनीतिक दलों ने भी अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं और संभावित प्रत्याशियों की दौड़ शुरू हो चुकी है। आने वाले हफ्तों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन फिलहाल पूरा फोकस मतदाता सूची की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर है।

 


Content Editor

Payal Choudhary

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