NHM Scam: IAS नीरज के. पवन समेत 5 के खिलाफ 5 हजार पन्नों की चार्जशीट
Saturday, Aug 22, 2026-05:10 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान के बहुचर्चित National Health Mission (NHM) Scam मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने IAS अधिकारी नीरज के. पवन समेत पांच आरोपियों के खिलाफ करीब 5 हजार पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की है।
मामला NHM के तहत टेंडर और उससे जुड़े कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। नीरज के. पवन उस दौरान NHM से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। जांच के दौरान ACB ने टेंडर प्रक्रिया, भुगतान, संबंधित दस्तावेजों और कथित लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की।
IAS Neeraj K. Pawan के खिलाफ पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
नीरज के. पवन के खिलाफ NHM से जुड़े भ्रष्टाचार का मामला नया नहीं है। वर्ष 2016 में ACB ने उन्हें और अन्य आरोपियों को NRHM Tender Case में कथित अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस दौरान ACB की ओर से कई ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी।
पुराने मामले में ACB ने नीरज के. पवन सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। बाद में उन्हें जमानत मिली थी। हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाएगा।
5 हजार पन्नों की चार्जशीट में क्या है?
नई चार्जशीट में ACB ने कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों, अधिकारियों एवं अन्य संबंधित लोगों के बयानों और जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों को शामिल किया है।
चार्जशीट में किन आरोपों को किस आधार पर साबित करने का दावा किया गया है, इसका विस्तृत परीक्षण अब अदालत में होने वाली न्यायिक कार्यवाही के दौरान होगा। आरोपियों का पक्ष भी इसी प्रक्रिया में सामने आएगा।
2016 का NRHM Tender Case फिर चर्चा में
नीरज के. पवन 2003 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं। वर्ष 2016 में NRHM टेंडर मामले में उनकी गिरफ्तारी राजस्थान की नौकरशाही में बड़ी चर्चा का विषय बनी थी।
उस समय ACB ने टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने और कथित रिश्वतखोरी से जुड़े आरोपों की जांच की थी। अब एक बार फिर NHM से जुड़े मामले में करीब 5,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह प्रकरण सुर्खियों में है।
अब अदालत में होगी आगे की कार्रवाई
पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में चलेगी। अब चार्जशीट में पेश किए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच होगी और अदालत आरोपों से जुड़े तथ्यों पर आगे निर्णय की प्रक्रिया अपनाएगी।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि 5 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में ACB ने कौन-कौन से नए तथ्य और साक्ष्य पेश किए हैं और न्यायिक प्रक्रिया में इन आरोपों का क्या निष्कर्ष निकलता है।
