मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अति पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण का नया अध्याय

Tuesday, Feb 03, 2026-04:56 PM (IST)

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी और संवेदनशील नेतृत्व में राजस्थान का अति पिछड़ा वर्ग (MBC) आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और ठोस नीतियों के कारण हजारों MBC परिवार मुख्यधारा के विकास से जुड़ रहे हैं और शिक्षा, रोजगार, आर्थिक संबल तथा सामाजिक सम्मान के जरिए सामाजिक न्याय के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

 

शैक्षणिक क्षेत्र में, मुख्यमंत्री शर्मा ने अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए देवनारायण योजना के तहत वर्ष 2025 में 248 करोड़ रुपए से अधिक व्यय किए हैं। उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कक्षा 11 से उच्च शिक्षा तक के 37,000 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला, जबकि पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में 69,000 से ज्यादा छात्रों को सहायता प्रदान की गई।

 

देवनारायण छात्रावास योजना और गुरुकुल योजना के तहत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। स्वीकृत छात्रावासों में 3,750 और आवासीय विद्यालयों में 5,000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

 

बालिकाओं की शिक्षा को विशेष प्रोत्साहन देते हुए करौली के नादौती और भरतपुर के बयाना में छात्रा महाविद्यालय तथा हॉस्टल स्थापित किए गए हैं। नादौती कॉलेज में 177 छात्राओं को और बयाना कॉलेज में 543 छात्राओं को शिक्षा और आवास सुविधा प्रदान की गई।

 

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विद्यार्थियों को आईएएस, आरएएस, क्लैट, नीट, रीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा, 6 आईटीआई संस्थानों में 365 लाख रुपए व्यय कर 500 से अधिक युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अति पिछड़ा वर्ग का सशक्तीकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का जीवंत उदाहरण बन चुका है। यह पहल युवा और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।


Content Editor

Anil Jangid

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