खंडेलवाल महासभा की राष्ट्रीय बैठक में भामाशाहों ने खोला खजाना: 97 लाख से ज्यादा दान की घोषणा, देशभर से जुटे समाजबंधु!
Monday, Mar 23, 2026-11:37 AM (IST)
अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के 35वें सत्र की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को दिल्ली के पीतमपुरा स्थित ‘गोल्डन एप्पल’ में आयोजित की गई। खंडेलवाल युवा जनजागरण समिति दिल्ली के आतिथ्य में आयोजित इस बैठक में देशभर से समाजबंधु शामिल हुए और समाज के विकास को लेकर अहम निर्णय लिए गए।
भामाशाहों ने की लाखों के दान की घोषणा
बैठक में समाज के भामाशाहों ने खुलकर दान की घोषणा की।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि समाज के विकास कार्यों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
इस दौरान प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार रहीं:
- उद्योगपति हरिमोहन डगायच: 42 लाख रुपए
- राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता: 31 लाख रुपए
- मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कुमार कट्टा: 24 लाख रुपए
इन घोषणाओं के साथ समाज के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
सार्थक चर्चा और भविष्य की योजनाएं
बैठक में समाज के उत्थान और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
महासभा के प्रधानमंत्री चंद्रप्रकाश खंडेलवाल, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल (मथुरा) और गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग) ने विभिन्न योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यालय मंत्री रामकिशोर खूंटेटा सहित अन्य पदाधिकारियों ने पिछली बैठकों के निर्णयों और प्रगति रिपोर्ट भी साझा की।
देशभर से जुटे समाजबंधु
महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. रमेश कुमार रावत के अनुसार बैठक में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ सहित पूर्वोत्तर राज्यों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
दिल्ली की विभिन्न क्षेत्रीय सभाओं—पीतमपुरा, रोहिणी, द्वारका, नोएडा और गुरुग्राम—ने सहयोगी संस्थाओं के रूप में कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
संगठनात्मक व्यवस्था और सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन रविकांत वैध, अजय ठाकुरिया और उनकी टीम ने किया।
आवास, भोजन और पंजीकरण की व्यवस्थाओं में उमाशंकर भूखमारिया, संजय मणिकबोहरा, सुरेश घीया सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
बैठक में महासभा के संरक्षक राजेश आमेरिया, अजय खंडेलवाल, महेंद्र कायथवाल सहित अनेक ट्रस्टी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
समाज विकास को मिलेगा नया आयाम
इस बैठक को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां आर्थिक सहयोग के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने और नई योजनाओं को लागू करने पर जोर दिया गया।
