राज्यपाल बागड़े ने संगोष्ठी में प्रौद्योगिकी और संस्कृति पर दिया संबोधन
Friday, Nov 28, 2025-04:43 PM (IST)
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जीवन के संतुलन और समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया है। शुक्रवार को शाहपुरा स्थित बाबा गंगादास राजकीय बालिका महाविद्यालय में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने 'सामाजिक—सांस्कृतिक परिवर्तन, तकनीकी प्रगति एवं पर्यावरणीय सुधार' पर अपने विचार व्यक्त किए।
राज्यपाल ने प्रौद्योगिकी के जीवन में बढ़ते दखल और इसके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव की चर्चा करते हुए कहा कि यदि इसका उपयोग सही तरीके से किया जाए, तो यह समाज के लाभकारी हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी के साथ-साथ मानसिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए।
बागड़े ने भारतीय संस्कृति के समन्वय सिद्धांत की सराहना की और विद्यार्थियों को भारतीय मूल्यों से जुड़ी शिक्षा देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य चरित्र निर्माण और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी होना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को समाज में हो रहे बदलावों के बीच भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी। राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने शासन, शिक्षा और उद्योगों को नया रूप दिया है, लेकिन इनका उपयोग नैतिकता और मानव मूल्यों के अनुरूप किया जाना चाहिए।
मनोहरपुर में विद्यार्थियों से संवाद
राज्यपाल बागड़े ने संगोष्ठी के बाद मनोहरपुर स्थित भाग्योदय सेवा संस्थान में विद्यार्थियों से भी संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा में गहरी समझ और जीवन में लगातार उन्नति की दिशा में प्रयास करने का संदेश दिया।
