AGTF ने दबोचा शराब तस्करी का मास्टरमाइंड, पंजाब से गुजरात तक फैला था नेटवर्क

Sunday, Feb 22, 2026-07:20 PM (IST)

राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे शराब तस्करी के मास्टरमाइंड बनवारी लाल विश्नोई उर्फ अभिषेक को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पिछले तीन साल से लगातार भेष बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित था। बताया जा रहा है कि उसका नेटवर्क पंजाब से लेकर गुजरात तक फैला हुआ था और वह बड़े पैमाने पर अवैध शराब की सप्लाई कर रहा था।

बालोतरा कनेक्शन से खुला था राज

मामले की शुरुआत जुलाई 2023 में हुई थी, जब बालोतरा जिले के सिणधरी थाना पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को पकड़ा था। तलाशी लेने पर ट्रक से 924 कार्टून अवैध अंग्रेजी शराब और 183 कार्टून बीयर बरामद हुई थी। इस बड़ी खेप के पीछे जिस नाम का खुलासा हुआ, वह था बनवारी लाल विश्नोई।

जांच में सामने आया कि यह खेप पंजाब से गुजरात भेजी जा रही थी। ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शराब की तस्करी की जा रही थी, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। उस समय से ही बनवारी लाल फरार चल रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

तीन साल तक बदलता रहा हुलिया

एडीजी एमएन दिनेश के अनुसार, बनवारी लाल विश्नोई उर्फ अभिषेक पुत्र भंवर लाल, निवासी रासीसर, नोखा, बीकानेर का रहने वाला है। वह पिछले तीन साल से फरार था और हर बार भेष बदलकर पुलिस से बच निकलता था। कभी मजदूर बन जाता, कभी व्यापारी का रूप धारण कर लेता। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी।

आखिरकार 21 फरवरी को AGTF के कॉन्स्टेबल मगनाराम को इनामी तस्कर की लोकेशन संबंधी पुख्ता सूचना मिली। सूचना के आधार पर एसपी ज्ञानचंद यादव और एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व डीएसपी फूलचंद टेलर और एएसआई राकेश जाखड़ कर रहे थे।

बस स्टैंड पर घेराबंदी

स्पेशल टीम बीकानेर पहुंची और नोखा कस्बे में दबिश दी। सूचना मिली कि आरोपी गांव के पास बस स्टैंड पर मौजूद है। जैसे ही उसने पुलिस की गाड़ियों को देखा, वह भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन AGTF और स्थानीय पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे बालोतरा के सिणधरी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पंजाब से गुजरात तक फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि बनवारी लाल का नेटवर्क काफी संगठित और व्यापक था। वह पंजाब से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब मंगवाता और उसे फर्जी नंबर प्लेट लगे ट्रकों के जरिए गुजरात सप्लाई करता था। गुजरात में शराबबंदी के कारण वहां अवैध शराब की मांग अधिक रहती है, जिसका फायदा उठाकर यह गिरोह तस्करी को अंजाम देता था।

सूत्रों के अनुसार, बनवारी लाल खुद ट्रकों में शराब लोड करवाता था और अपने भरोसेमंद ड्राइवर राजूराम के जरिए सप्लाई भेजता था। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। माना जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोग भी जल्द गिरफ्त में आ सकते हैं।

आगे की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। यह भी जांच की जा रही है कि पिछले तीन साल में उसने कितनी खेप गुजरात और अन्य राज्यों में भेजी। साथ ही फर्जी नंबर प्लेट और परिवहन नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

AGTF की इस कार्रवाई को राजस्थान पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। लंबे समय से फरार और इनामी तस्कर की गिरफ्तारी से शराब तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।


Content Editor

Payal Choudhary

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