असली आज़ादी तभी, जब देश गंदगी और बीमारियों से भी मुक्त हो: के.के. गुप्ता

Thursday, Aug 13, 2026-03:08 PM (IST)

जयपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), राजस्थान के ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने कहा कि आजादी का अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति तक सीमित नहीं है। आज देश के सामने गंदगी, बीमारियों, प्रदूषण, जल संकट और नागरिक लापरवाही से मुक्ति की भी चुनौती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।

के.के. गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छता को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जनआंदोलन बनाने में सफल रहा है। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में स्वच्छ, स्वस्थ और हरित राजस्थान के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है।

स्वच्छता केवल सफाई नहीं, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण का विषय

उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रगति का आकलन केवल बड़ी सड़कों, ऊंची इमारतों और औद्योगिक विकास से नहीं किया जा सकता। नागरिकों का स्वास्थ्य और आसपास का स्वच्छ वातावरण भी विकास का महत्वपूर्ण पैमाना है। गंदगी और दूषित पानी से होने वाली बीमारियां परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था पर भी बोझ डालती हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर किया गया निवेश भविष्य में स्वास्थ्य खर्च को कम करने में मदद करता है और बची हुई राशि शिक्षा, कौशल, रोजगार और बेहतर जीवन स्तर पर खर्च की जा सकती है।

डूंगरपुर मॉडल से मिली स्वच्छता और नागरिक भागीदारी की सीख

के.के. गुप्ता ने डूंगरपुर नगर परिषद के सभापति के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक सक्रियता और नागरिकों की भागीदारी मिलकर छोटे शहरों में भी बड़ा बदलाव ला सकती है।

उन्होंने बताया कि डूंगरपुर में कचरा डालने पर जुर्माना, प्राचीन बावड़ियों की सफाई और जीर्णोद्धार, वर्षा जल संरक्षण, पौधारोपण तथा कचरे से ऊर्जा उत्पादन जैसे कई प्रयोग किए गए। इन प्रयासों से स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आए।

राजस्थान के 41 जिलों में स्वच्छता कार्यों की समीक्षा

के.के. गुप्ता ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में वे राजस्थान के 41 जिलों का दौरा कर स्थानीय निकायों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्वच्छता अभियान की समीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वच्छता के लक्ष्य केवल फाइलों और रिपोर्टों में नजर न आएं, बल्कि राजस्थान की हर गली, हर मोहल्ले और सार्वजनिक स्थान पर दिखाई दें। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की भागीदारी को भी बढ़ाया जा रहा है।

स्वच्छता का सबसे बड़ा सिपाही नागरिक स्वयं

के.के. गुप्ता ने कहा कि सरकार सफाई व्यवस्था और कचरा संग्रहण की सुविधा उपलब्ध करा सकती है, लेकिन नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सड़क पर कचरा नहीं फेंकना, गीले और सूखे कचरे को अलग करना, पानी बचाना और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना हर नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों से “न गंदगी करूंगा, न करने दूंगा” का संकल्प लेने की अपील की।

स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत ही सशक्त भारत

उन्होंने कहा कि विकसित भारत @ 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास से पूरा नहीं होगा। इसके लिए स्वस्थ नागरिक, स्वच्छ शहर, सुरक्षित पर्यावरण और जागरूक समाज जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल सीमा पर खड़े सैनिक के कर्तव्य तक सीमित नहीं है। अपने शहर को साफ रखना, पानी बचाना, पेड़ लगाना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना भी राष्ट्रभक्ति का ही हिस्सा है।

के.के. गुप्ता ने कहा कि 1947 में देश ने पराधीनता की बेड़ियां तोड़ी थीं, अब गंदगी, बीमारी और लापरवाही की बेड़ियां तोड़ने का समय है। यही स्वतंत्रता दिवस का सच्चा संकल्प और विकसित भारत की मजबूत नींव है।


Content Editor

LUCKY SHARMA

सबसे ज्यादा पढ़े गए