इंदौर से भी आगे बढ़ेगा डूंगरपुर: K .K Gupta ''स्वच्छ शहर-समृद्ध शहर'' विजन, हरियाली से लेकर हाईटेक सुरक्षा तक कई बड़े ऐलान
Saturday, Jul 18, 2026-05:03 PM (IST)
डूंगरपुर। प्रदेश के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर एवं नगर परिषद के पूर्व सभापति के.के. गुप्ता ने डूंगरपुर को देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से भी आगे ले जाने का विजन पेश किया है। शुक्रवार को नगर परिषद सभागार में आयोजित मैराथन बैठक में उन्होंने अधिकारियों, अभियंताओं और ठेकेदारों के साथ शहर के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की।
'स्वच्छ शहर-समृद्ध शहर' होगा डूंगरपुर का नया मंत्र
के.के. गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि राजस्थान के शहर केवल साफ-सुथरे ही नहीं, बल्कि हरियाली, जल संरक्षण, आधुनिक कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी के क्षेत्र में भी देश के लिए मिसाल बनें। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर को ऐसा मॉडल शहर बनाया जाएगा, जहां स्वच्छता नागरिकों की आदत बने।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप होगी कार्रवाई
बैठक में बल्क वेस्ट जनरेटर से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों पर विशेष चर्चा हुई। बड़े होटल, मैरिज गार्डन, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में ही कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर मॉडल से आगे बढ़ने की तैयारी
हाल ही में इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए के.के. गुप्ता ने कहा कि डूंगरपुर में वेस्ट-टू-बेस्ट, ट्रिपल-आर, प्लास्टिक मुक्त शहर, ग्रीन कॉरिडोर और सामुदायिक भागीदारी जैसे नवाचार लागू किए जाएंगे।
3 हजार बड़े पौधे लगाए जाएंगे
नगर परिषद इस वर्ष शहर में 10 से 12 फीट ऊंचाई वाले 3 हजार से अधिक विकसित पौधे लगाएगी। गुप्ता ने बताया कि उनके पूर्व कार्यकाल में लगाए गए 25 हजार पौधे आज भी शहर को हराभरा बनाए हुए हैं।
जल संरक्षण और पार्कों के विकास पर जोर
वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निरीक्षण कर उन्हें दोबारा शुरू किया जाएगा। वहीं शहर के पार्कों में झूले, लाइट, पाथवे, पेयजल और बैठने की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
गेपसागर झील को मिलेगा नया जीवन
शहर की पहचान गेपसागर झील और सुनेरिया तालाब को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इसके साथ ही गेपसागर में चार लाख मछलियां छोड़ी जाएंगी और जलमार्गों की सफाई भी कराई जाएगी।
मंदिरों के फूलों से बनेगी अगरबत्ती, गोबर से होंगे उत्पाद
नगर परिषद पहली बार मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती और धूप तैयार करेगी। वहीं गौशाला में गोबर से लकड़ी, दीपक और जैविक उत्पाद तैयार करने की योजना है। गोमूत्र से गो-अर्क बनाने पर भी काम किया जाएगा।
वसुंधरा विहार बनेगा पर्यटन और खेल केंद्र
वसुंधरा विहार की पहाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां रनिंग ट्रैक, क्रिकेट बॉक्स, वॉलीबॉल कोर्ट और अत्याधुनिक सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
शहर की सुरक्षा होगी हाईटेक
डूंगरपुर में 72 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो प्रमुख मार्गों, चौराहों और पार्कों पर निगरानी रखेंगे। इसके अलावा बेटियों के लिए कराटे और रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
प्लास्टिक मुक्त डूंगरपुर का लक्ष्य
के.के. गुप्ता ने अधिकारियों को पॉलीथिन और प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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