डूंगरपुर अस्पताल के पालनागृह में भारी लापरवाही: धूल, गंदगी और बंद मिला अलार्म सिस्टम
Wednesday, Jun 03, 2026-06:50 PM (IST)
डूंगरपुर। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, डॉ. हरिदेव जोशी सामान्य चिकित्सालय में संचालित पालनागृह (क्रैडल बेबी सेंटर) की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किरण कुमार चौहान द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में पालनागृह में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं, जो नवजात शिशुओं की सुरक्षा और संरक्षण से सीधे जुड़ी हुई हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल परिसर में पालनागृह तक पहुंचने के लिए कोई दिशा-सूचक बोर्ड नहीं लगाया गया है। ऐसे में जरूरतमंद व्यक्तियों को इस सुविधा तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
धूल से अटा पालना, साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं
निरीक्षण में नवजात शिशुओं के लिए रखा गया पालना धूल से अटा हुआ मिला। भीषण गर्मी के बावजूद वहां पंखे की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा पालने में साफ बेडशीट भी उपलब्ध नहीं मिली। पालनागृह परिसर में गंदगी फैली हुई थी, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था भी मिली लचर
सबसे गंभीर मामला सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा सामने आया। पालनागृह में लगाया गया अलार्म सिस्टम बंद मिला, जबकि नवजातों को सुरक्षित रिसीव करने वाला मुख्य द्वार भी बंद पाया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पालनागृह के भीतर किसी अन्य वार्ड का संचालन किया जा रहा था, जो निर्धारित व्यवस्था के विपरीत है।
न्यायिक निर्देशों की नहीं हुई पालना
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पूर्व में कई बार लिखित निर्देश जारी कर अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुधार करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। इससे प्रशासनिक उदासीनता और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कार्रवाई की मांग
निरीक्षण रिपोर्ट सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन पालनागृह की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है।
