राजस्थान में घी कारोबारियों पर आयकर विभाग का बड़ा शिकंजा, दिल्ली–मुंबई की टीमों ने जोधपुर, नागौर और बीकानेर में मारी एकसाथ रेड

Thursday, Jan 15, 2026-04:32 PM (IST)

बीकानेर। राजस्थान में घी कारोबार से जुड़े बड़े व्यापारियों पर आयकर विभाग ने बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए शिकंजा कस दिया है। दिल्ली और मुंबई से आई आयकर विभाग की विशेष टीमों ने बुधवार को जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों में एकसाथ सर्वे और छापेमारी की। इस कार्रवाई में करीब 30 से 40 अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने औद्योगिक और रिहायशी ठिकानों पर दबिश देकर करोड़ों रुपये के अघोषित लेन-देन और टैक्स चोरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की है।

चार्टर्ड विमान से पहुंचीं टीमें, 25 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीमें दिल्ली और मुंबई से चार्टर्ड विमान के जरिए जोधपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट से निकलते ही करीब 25 से अधिक गाड़ियों के काफिले में अधिकारी अलग-अलग ठिकानों के लिए रवाना हुए। अचानक हुई इस कार्रवाई से व्यापारिक जगत और औद्योगिक क्षेत्रों में खलबली मच गई। कई कारोबारी प्रतिष्ठानों पर सुबह से ही आयकर अधिकारी जमे हुए हैं।

जोधपुर के बासनी और शास्त्री नगर पर खास फोकस

जोधपुर में बासनी औद्योगिक क्षेत्र और पॉश माने जाने वाले शास्त्री नगर इलाके में घी व्यापार से जुड़े कई प्रतिष्ठानों और आवासों पर सर्वे किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन कारोबारियों के खिलाफ लंबे समय से आयकर चोरी, फर्जी बिलिंग और अघोषित नकद लेन-देन की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग ने पहले गुप्त रूप से वित्तीय डेटा जुटाया और फिर एक साथ तीन जिलों में कार्रवाई की रणनीति बनाई।

नागौर और बीकानेर तक फैली कार्रवाई

आयकर विभाग की यह कार्रवाई केवल जोधपुर तक सीमित नहीं रही, बल्कि नागौर और बीकानेर जिलों में भी घी कारोबारियों के ठिकानों पर एकसाथ दबिश दी गई। इन जिलों में भी डेयरी और घी व्यापार से जुड़े कुछ बड़े नाम आयकर विभाग के रडार पर बताए जा रहे हैं।

डिजिटल डेटा और बही-खातों की गहन जांच

छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारी हार्ड डिस्क, कंप्यूटर, डिजिटल डेटा, बैंक खातों और बही-खातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का फोकस उन निवेशों और लेन-देन पर है, जिनका उल्लेख आयकर रिटर्न में नहीं किया गया है। सर्वे के दौरान संबंधित परिसरों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

आधिकारिक बयान का इंतजार

फिलहाल आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सर्वे अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही टैक्स चोरी, अघोषित आय और संपत्तियों से जुड़े वास्तविक आंकड़ों का खुलासा किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद जोधपुर, नागौर और बीकानेर के व्यापारिक इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है और अन्य बड़े कारोबारी भी सतर्क नजर आ रहे हैं।


Content Editor

Anil Jangid

सबसे ज्यादा पढ़े गए

Related News