मॉडल स्कूलों में नियुक्तियों का पिटारा खुला, 10 संवर्गों के लिए 14 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन

Monday, Jan 12, 2026-04:29 PM (IST)

जयपुर। प्रदेश के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिक्त पदों पर पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने प्राचार्य से लेकर कनिष्ठ सहायक तक 10 विभिन्न संवर्गों के लिए विस्तृत विज्ञप्ति जारी की है। इसके तहत पात्र शिक्षक और कार्मिक 14 जनवरी से 23 जनवरी की मध्यरात्रि तक शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस बार चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लिखित परीक्षा या साक्षात्कार के आधार पर चयन किया जाएगा।

 

शिक्षा विभाग के निदेशक के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को पदस्थापन के लिए केवल एक जिले का विकल्प भरना होगा। यदि किसी आवेदक ने जिले का विकल्प नहीं भरा, तो उसका आवेदन स्वतः ही निरस्त माना जाएगा। वहीं, जो कार्मिक वर्तमान में जिस जिले में पदस्थापित है, उसी जिले का विकल्प भरता है, तो उसे चयन प्रक्रिया में 10 अतिरिक्त बोनस अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर निरंतरता और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

इन पदों पर मांगे गए आवेदन

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत प्राचार्य, प्राध्यापक (विभिन्न विषय), वरिष्ठ अध्यापक (हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, तृतीय भाषा), वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक, पुस्तकालयाध्यक्ष (ग्रेड-II), अध्यापक लेवल-1, प्रयोगशाला सहायक (ग्रेड-III), कंप्यूटर लैब इंचार्ज, वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह अवसर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्मिकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कौन होगा पात्र, किसे नहीं मिलेगी एंट्री

विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों या मॉडल स्कूलों में पूर्व की विशेष चयन प्रक्रियाओं से नियुक्त कार्मिक इस बार आवेदन के पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा, केवल माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक और कार्मिक ही आवेदन कर सकते हैं। अन्य विभागों या किसी परियोजना में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कार्मिकों के लिए आवेदन का विकल्प बंद रहेगा।

आवेदनकर्ताओं के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे शाला दर्पण पोर्टल पर अपना प्रपत्र-10 अपडेट रखें, क्योंकि चयन से संबंधित संपूर्ण डेटा इसी के आधार पर लिया जाएगा। गलत या अधूरा विवरण पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

एक साल का ‘परख’ काल

चयनित कार्मिकों को प्रारंभ में एक वर्ष की अवधि के लिए पदस्थापित किया जाएगा। इस अवधि को ‘परख काल’ माना जाएगा और कार्य निष्पादन संतोषजनक पाए जाने पर ही उनकी पदस्थापन अवधि आगे बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, अनुसूचित क्षेत्र से जुड़े कार्मिक केवल अनुसूचित क्षेत्र के लिए ही आवेदन कर सकेंगे।

कुल मिलाकर, मॉडल स्कूलों में यह भर्ती प्रक्रिया न केवल शिक्षकों के लिए नए अवसर लेकर आई है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।


Content Editor

Anil Jangid

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