बाड़मेर में किताबों का महाकुंभ, ‘गुनाहों का देवता’ और ‘एक खिड़की रहती है’ ने जीता पाठकों का दिल
Wednesday, Jan 21, 2026-07:46 PM (IST)
बाड़मेर। रेगिस्तान की धरती बाड़मेर इन दिनों शब्दों और साहित्य की खुशबू से महक रही है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन परिसर में आयोजित बाड़मेर साहित्य उत्सव में किताबों का मानो महाकुंभ सजा हुआ है। हजारों पुस्तकों के बीच हर उम्र के पाठक साहित्य से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस साहित्यिक मेले में ‘गुनाहों का देवता’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती है’ जैसी चर्चित पुस्तकों की सबसे अधिक मांग देखने को मिल रही है।
पश्चिमी सीमा पर स्थित बाड़मेर आमतौर पर अपनी भौगोलिक पहचान के लिए जाना जाता है, लेकिन इन दिनों यह शहर साहित्यिक रंग में रंगा हुआ है। साहित्य उत्सव में लोकायत प्रकाशन सहित देश के कई प्रतिष्ठित प्रकाशकों की 10 हजार से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। वाणी प्रकाशन, हिंदी युग्म, राजकमल प्रकाशन, एनबीटी, सीबीटी जैसे नामचीन प्रकाशकों की किताबें पाठकों को आकर्षित कर रही हैं।
मेले में प्रेमचंद जैसे महान साहित्यकारों की रचनाओं से लेकर समकालीन चर्चित उपन्यासों तक का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। खास तौर पर ‘गुनाहों का देवता’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती है’ को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में युवाओं ने इन उपन्यासों को खरीदा और साहित्य के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
साहित्य उत्सव ने बाड़मेर में पढ़ने की संस्कृति को नई ऊर्जा दी है। अभिभावकों ने बच्चों के लिए बाल साहित्य, कहानियों और ज्ञानवर्धक पुस्तकों में गहरी रुचि दिखाई। उत्सव में आईं स्वाति का कहना है कि इस बार बाड़मेरवासियों में उपन्यासों के प्रति विशेष लगाव देखने को मिल रहा है, खासकर प्रेम कहानियों को खूब पसंद किया जा रहा है।
लोकायत प्रकाशन के निशांत ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी युवाओं में साहित्य उत्सव को लेकर खासा उत्साह है। उन्होंने कहा कि ‘गुनाहों का देवता’ सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली किताबों में शामिल है। 26 जनवरी तक चलने वाला यह साहित्य उत्सव बाड़मेर के साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो रहा है।
