बचपन के साथी को देखकर मदन दिलावर ने रोका काफिला, साथ में बेची थी सब्ज़ी

Monday, Feb 02, 2026-02:15 PM (IST)

बारां। बारां जिले में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब राजस्थान सरकार में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अपने काफिले को अचानक रुकवा दिया। वह बारां से छैला बेल गांव की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्होंने एक व्यक्ति को बकरियां लेकर जाते हुए देखा। मंत्री की नजर जैसे ही उस व्यक्ति पर पड़ी, उन्होंने तुरंत वाहन रुकवाने का निर्देश दिया और खुद उससे मिलने उतर आए।

 

मंत्री मदन दिलावर ने उस व्यक्ति को देखकर मुस्कराते हुए कहा, “कैसे हो दोस्त?” यह सुनते ही वह व्यक्ति भी भावुक हो गया। मंत्री ने उसे गले लगाया और वहां मौजूद लोगों को बताया कि यह उनका बचपन का मित्र हरीश चंद्र सुमन है। उन्होंने कहा कि दोनों ने बचपन में साथ मिलकर गांव-गांव सिर पर टोकरी रखकर सब्ज़ी बेची थी।

 

दिलावर ने मुस्कराते हुए पूछा, “तुम्हें याद है हम क्या-क्या बेचते थे?” इस पर हरीश ने जवाब दिया कि बैंगन, हरी सब्ज़ियां और जो भी खेतों से मिल जाता था, वही बेचते थे। हरीश ने बताया कि दोनों की उम्र बराबर है और वे एक ही इलाके में साथ पले-बढ़े हैं। दोनों रोज़ गांव-गांव जाकर आवाज लगाकर सब्ज़ी बेचते थे, जिससे घर का खर्च चलता था।

 

इस भावुक मुलाकात को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान और प्रभावित हुए। मंत्री दिलावर ने कहा कि यह उनकी ज़िंदगी की सच्चाई है और उन्हें अपने संघर्ष के दिनों पर गर्व है। उन्होंने बताया कि आज वे जिस पद पर हैं, वहां तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था और ऐसे दोस्त आज भी उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।

 

स्थानीय लोगों ने इस घटना को सादगी, संघर्ष और इंसानियत की मिसाल बताया। सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है और लोग मंत्री की विनम्रता और जमीन से जुड़े स्वभाव की सराहना कर रहे हैं। यह घटना बताती है कि सच्ची दोस्ती और संघर्ष की यादें समय और पद से कभी नहीं बदलतीं।


Content Editor

Anil Jangid

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