आदिवासी और वनवासी समुदायों पर मेहरबान हुई सरकार, दिया ये विशेष पैकेज

Thursday, Feb 12, 2026-01:38 PM (IST)

जयपुर। आदिवासी और वनवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर राजस्थान काफी कुछ करने जा रही है। इसके लिए सरकार ने बजट 2026-27 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बजट में जनजातीय बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके चलते अब कई जनजातियों के अच्छे दिन आने वाले हैं।

 

बजट में सबसे प्रमुख घोषणा बारां जिले के सहरिया और खैरवा तथा उदयपुर जिले की कथौड़ी जनजाति के परिवारों के लिए की गई है। इन जनजातीय परिवारों की महिला मुखियाओं को प्रतिमाह 1,200 रुपये की प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना पर 55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और लगभग 38,000 परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य इन वंचित समुदायों की आजीविका और पोषण स्तर में सुधार लाना है।

 

जनजातीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
जनजातीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए बांसवाड़ा और उदयपुर जिला मुख्यालयों पर लघु वन उत्पाद प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर आंवला, शहद, इमली और महुआ जैसे उत्पादों का प्रसंस्करण किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल सकेगा और युवाओं को आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे।

 

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नाथद्वारा-राजसमंद में ‘राणा पुंजा जनजातीय खेल अकादमी’ की स्थापना की जाएगी, जिस पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह अकादमी जनजातीय युवाओं को खेल प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर प्रदान करेगी।

 

जनजाति बालिका छात्रावास खुलेंगे
शिक्षा के क्षेत्र में सिरोही जिले के ठंडी बेरी (पिंडवाड़ा) में जनजाति बालिका छात्रावास खोला जाएगा, जिससे दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित आवास और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

 

ग्रामदानी अधिनियम में संशोधन होगा
इसके अलावा डूंगरपुर और बांसवाड़ा सहित आदिवासी बहुल जिलों में राजस्थान ग्रामदानी अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव है। इस संशोधन के माध्यम से ग्रामदानी गांवों के किसानों को खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण का लाभ उठा सकेंगे। ऐसे में राज्य सरकार की ये पहलें आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।


Content Editor

Anil Jangid

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