ऑपरेशन प्रहार: लॉरेंस गैंग के गुर्गे ''हरि बॉक्सर'' के घर पंजाब पुलिस की दबिश, बानसूर में हड़कंप

Thursday, Jan 22, 2026-12:40 PM (IST)

बानसूर (अलवर)। पंजाब सरकार की 'गैंगस्टरां ते वार' मुहिम के तहत अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए शुरू किया गया 'ऑपरेशन प्रहार' अब अंतरराज्यीय कार्रवाई का रूप ले चुका है। इसी कड़ी में पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम ने आज राजस्थान के अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

 

हरि बॉक्सर के ठिकानों पर छापेमारी
मिली जानकारी के अनुसार, कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के करीबी माने जाने वाले हरि बॉक्सर के चतरपुरा गांव स्थित निवास पर पंजाब पुलिस ने अचानक दबिश दी। फाजिल्का-अबोहर से आई पुलिस टीम का नेतृत्व डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे, जो तीन गाड़ियों के काफिले के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने न केवल हरि बॉक्सर के घर की तलाशी ली, बल्कि उसके रिश्तेदारों के गांव रामपुर में भी जाकर सघन पूछताछ की।

 

जिम संचालक को धमकी का मामला
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक जिम संचालक को जान से मारने की धमकी देने और रंगदारी से जुड़े मामले में की गई है। पंजाब पुलिस पिछले 72 घंटों से लगातार रेड कर रही है, जिसमें करीब 2 हजार टीमें मैदान में उतरी हुई हैं। इसी जांच की कड़ियां हरि बॉक्सर से जुड़ी पाई गईं, जिसके बाद टीम ने बानसूर में डेरा डाला।

 

नेटवर्क पर पुलिस का कड़ा प्रहार
पंजाब पुलिस का यह अभियान गैंगस्टरों के नेटवर्क को पूरी तरह जड़ से उखाड़ने के लिए चलाया जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चप्पे-चप्पे पर नाकाबंदी की गई है। बानसूर में हुई इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में और भी सुराग जुटाने में लगी है।

 

हैरी बॉक्सर का असली नाम है हरचंद
हैरी बॉक्सर, असली नाम हरचंद, राजस्थान का रहने वाला है। वह पहले अलवर जिले में अपने पैतृक गांव में रहता था और अब नवगठित कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर के चतरपुरा गांव का निवासी है। उसके पिता किसान हैं और सामान्य परिवार से हैं।

 

क्राइम की दुनिया में कदम रखने से पहले हैरी बॉक्सर जयपुर में बॉक्सिंग सीखता था। उस पर जयपुर, अलवर, सीकर, धौलपुर और करौली में लूट, हत्या के प्रयास और मारपीट के 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी उम्र लगभग 36 साल है।

 

2022 से गांव से फरार है

चतरपुरा आढी गेली के लोगों ने बताया कि हैरी बॉक्सर साल 2022 से अपने गांव से फरार है। इससे पहले वह जयपुर में बॉक्सिंग कोचिंग करता था। उसने 12वीं तक गांधी स्कूल बानसूर से पढ़ाई की और बानसूर कॉलेज से बीए किया। राजस्थान पुलिस, आर्मी और एसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उसने भाग लिया, लेकिन सफल नहीं हो पाया। पुलिस इस समय हैरी बॉक्सर के ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है, और जांच लगातार जारी है।


Content Editor

Anil Jangid

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