IPS बनकर झाड़ रहा था रौब, असली पुलिस ने चाय पिलाकर उतारा VIP भूत, ऐसे पकड़ा गया शातिर इंजीनियर

Sunday, Jan 18, 2026-02:33 PM (IST)

खैरथल। फिल्मों में दिखने वाली फर्जी अफसरों की कहानियां अक्सर मनोरंजन तक सीमित रहती हैं, लेकिन खैरथल जिले के भिवाड़ी में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इस फिल्मी कहानी को हकीकत में बदलने की कोशिश कर डाली। खुद को SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) का AIG बताकर आईपीएस अफसर की धौंस जमाने पहुंचा युवक आखिरकार असली पुलिस के सामने ज्यादा देर टिक नहीं पाया।

 

शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे फूलबाग थाने के बाहर एक सफेद स्कॉर्पियो आकर रुकी, जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में “पुलिस” लिखा हुआ था। गाड़ी से उतरे युवक ने संतरी को कड़क आवाज में बताया कि वह आईपीएस सौरभ कुमार है और SPG में उच्च पद पर तैनात है। उसने दावा किया कि वह एक “सीक्रेट मिशन” पर भिवाड़ी आया है और रात ठहरने के लिए तुरंत एक महंगे होटल की व्यवस्था की जाए।

 

थानाधिकारी सचिन शर्मा को युवक के हाव-भाव, बातचीत के अंदाज और जरूरत से ज्यादा रौब झाड़ने पर संदेह हुआ। उन्होंने बिना कोई हड़बड़ी दिखाए उसे सम्मानपूर्वक केबिन में बैठाया, चाय पिलवाई और खुद बाहर आकर तथ्यों की जांच शुरू कर दी। करीब आधे घंटे तक पुलिस ने IPS अधिकारियों की सूची और SPG से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। जांच में साफ हो गया कि सौरभ कुमार नाम का कोई अधिकारी SPG में तैनात नहीं है।

 

इसके बाद पुलिस ने युवक से पहचान पत्र मांगा। उसने जो आईडी कार्ड दिखाया, उस पर “SPG AIG” लिखा था, लेकिन तकनीकी जांच में वह पूरी तरह फर्जी निकला। सख्ती से पूछताछ करने पर युवक टूट गया और उसने स्वीकार किया कि वह बागपत (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसने बताया कि उसे आईपीएस अधिकारियों को मिलने वाले प्रोटोकॉल और सुविधाओं का शौक था, इसी जुनून में उसने फर्जी आईडी कार्ड, डमी वॉकी-टॉकी और “पुलिस” लिखी गाड़ी के सहारे रौब जमाना शुरू किया।

 

पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट, बैंक पासबुक और स्कॉर्पियो जब्त कर ली है। अब यह जांच की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों या संस्थानों को गुमराह किया। फिलहाल, फर्जी आईपीएस बनने का उसका सपना पुलिस ने हमेशा के लिए तोड़ दिया है।


Content Editor

Anil Jangid

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