परिसीमन पर कांग्रेस की आपत्ति: नियमों की अनदेखी का आरोप, कलेक्टर उपलब्ध नहीं मिलने पर अधिवक्ताओं का विरोध
Monday, Jan 05, 2026-05:11 PM (IST)
अजमेर। जिला परिषद और पंचायत समितियों के परिसीमन को लेकर अजमेर में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अजमेर कांग्रेस कमेटी देहात ने परिसीमन प्रक्रिया को नियमों के विरुद्ध बताते हुए जिला प्रशासन के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज करवाई है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष विकास चौधरी के निर्देश पर अधिवक्ता विवेक पाराशर सहित अन्य अधिवक्ताओं ने जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जनहित में आपत्ति प्रस्तुत की।
सोमवार 5 जनवरी को जब अधिवक्ता आपत्ति दर्ज कराने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, तो दोपहर तक कलेक्टर और अन्य जिम्मेदार अधिकारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं मिले। इस पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई। विवेक पाराशर ने कहा कि परिसीमन भौगोलिक और जनसंख्या मानकों के अनुरूप नहीं किया गया, जिससे आम जनता के प्रतिनिधित्व पर सीधा असर पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर और एडीएम ज्योति ककलानी कलेक्टर परिसर में मौजूद होने के बावजूद उपलब्ध नहीं रहीं। साथ ही नोटिस बोर्ड पर आवश्यक सूचनाएं चस्पा नहीं किए जाने को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया गया।
पाराशर ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह जनता के अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते परिसीमन में सुधार नहीं किया गया तो कांग्रेस के अधिवक्ता इस मामले को उच्च न्यायालय और उच्च आयोग तक ले जाएंगे।
कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन की मौजूदा प्रक्रिया से ग्रामीण क्षेत्रों में असंतुलन पैदा होगा और कई क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा। पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जड़ों पर हमला करार दिया है।
